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कांटे की टक्कर में शिवमणि तीन मतों से अध्यक्ष निर्वाचित

Fri, 12 Dec 2014 05:30 AM IST
Varanasi
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वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में कांटे की टक्कर के बाद शिवमणि उपाध्याय ने तीन मतों से अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। हालांकि इनके निकटतम प्रदिद्वंदी पंकज कुमार पांडेय के समर्थकों के विरोध दर्ज कराने के बाद निर्वाचन अधिकारी हरिशंकर पांडेय के निर्देश पर पुनर्मतगणना कराई गई। जिसमें वोटों की गिनती सही पाई गई। वहीं उपाध्यक्ष पद पर संपूर्णानंद मिश्र, महामंत्री अभिषेक कुमार मिश्र और पुस्कालय मंत्री के पद पर ऋषभ पाठक ने जीत हासिल की। इस दौरान विजयी पदाधिकारियों को कंधे पर बिठाकर उनके समर्थकों ने जमकर खुशी का इजहार किया।
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कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच परीक्षा भवन के सात बूथों पर सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक मतदान हुआ। इसके बाद तीन बजे से वोटों की गिनती शुरू हुई। शाम छह बजे से ही परिणाम आने लगे। सबसे पहले उपाध्यक्ष पद पर परिणाम घोषित किया गया। इस पद पर संपूर्णानंद मिश्र ने अपने निकटतम प्रदिद्वंदी नरेश शर्मा को 186 मतों से हराया। संपूर्णानंद को 607 और नरेश को 421 मत मिले। जबकि सुमित कुमार पांडेय को तीसरे नंबर पर 290 मतों से संतोष करना पड़ा। इनके बाद पुस्तकालय मंत्री पद पर ऋषभ पाठक को विजयी घोषित किया गया। ऋषभ को 682 और इनके प्रतिद्वंदी मनोज यादव को 626 मत मिले। महामंत्री पद पर अभिषेक कुमार मिश्र ने 628 मत पाकर जीत दर्ज की। 425 मत पाकर दूसरे नंबर पर जगदंबा मिश्र और 263 मत पाकर मृत्युंजय पांडेय तीसरे नंबर पर रहे। सबसे अधिक कशमकश अध्यक्ष पद का परिणाम घोषित करने में हुआ। शिवमणि उपाध्याय को 549 और उनके निकतम प्रतिद्वंदी पंकज कुमार पांडेय को 546 मत मिले। पंकज समर्थक परिणाम घोषित न करने और दोबारा मतगणना कराने के लिए नारेबाजी करने लगे। इस पर पुर्नमतगणना कराई गई लेकिन मतों की गिनती में कोई अंतर नहीं आया। अंतत: शिवमणि को तीन वोट से विजयी घोषित कर दिया गया। इस दौरान 1742 मतों में से 1339 वोट पड़े। जबकि अध्यक्ष पद पर 18, उपाध्यक्ष पद पर 17, महामंत्री पद पर 22 और पुस्कालय मंत्री पद पर 29 मत निरस्त कर दिए गए।

इनसेट
पुनर्मतगणना के लिए पंकज समर्थकों ने मचाया शोर
वाराणसी। चुनाव में अध्यक्ष पद पर वोटों की गिनती में धांधली का आरोप लगाते हुए पंकज समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। वोटों की गिनती के बाद इस पद पर शिवमणि उपाध्याय तीन मतों से आगे थे। लेकिन परिणाम आने के पहले से ही जीत का जश्म मना रहे पंकज पांडेय के समर्थक गिनती में धांधली का आरोप लगाकर पुनर्मतगणना की मांग करने लगे। पंकज ने निर्वाचन अधिकारी प्रोफेसर हरिशंकर पांडेय को शिकायती पत्र देकर दोबारा मतगणना कराने की गुहार लगाई। हालांकि दोबारा वोटों की गिनती के बाद शिवमणि को तीन मतों से निर्वाचित घोषित किया गया।
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