वाराणसी। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा गणतंत्र दिवस पर अपने भारत दौरे के समय गंगा निर्मलीकरण के लिए कुछ अहम घोषणाएं कर सकते हैं। अमेरिकी दूतावास के राजनयिक डेविड बाक्सर ने बुधवार की दोपहर यहां गंगा महासभा के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने गंगा में होने वाले प्रदूषण के कारणों पर चर्चा की और बताया कि अमेरिका निर्मलीकरण के लिए हर संभव प्रयास करेगा। तीन दिनी प्रवास पर अमेरिकी पर्यावरणीय टीम काशी पहुंची है। इस दौरान यह टीम डीएम के अलावा महापौर, नगर आयुक्त और बीएचयू के विशेषज्ञों से भी मुलाकात करेगी।
दोपहर करीब दो बजे अमेरिकी दूतावास के राजनयिक डेविड बाक्सर पर्यावरण विशेषज्ञ प्रिया घोष के साथ महमूरगंज स्थित गंगा महासभा के केंद्रीय कार्यालय पहुंचे। उन्होंने महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती के साथ करीब घंटे भर गंगा की दशा को लेकर विचार-विमर्श किया। कहा कि भारत दौरे के समय अमेरिकी राष्ट्रपति गंगा के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकते हैं। अमेरिका इस पावन धारा को स्वच्छ रखने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। इस दौरान उन्होंने गंगा निर्मलीकरण को लेकर तकनीक और शोधपरक सूचनाओं को भी साझा किया। स्वामी जितेंद्रानंद ने बांधों के विकल्प के अलावा सीवर से बिजली उत्पादन, कूड़ा निस्तारण और निर्मलीकरण के अन्य पहलुओं पर चर्चा की। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में ओबामा बतौर मुख्य अतिथि भारत आने वाले हैं। बैठक के दौरान महासभा के संगठन मंत्री गोविंद शर्मा, विद्याभूषण, विनय तिवारी ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से गंगा की मौजूदा स्थिति अमेरिकी दल को दिखाई। इस मौके पर महासभा की ओर से अखिलेश खेमका, मयंक कुमार, डॉ. गिरीश सिंह, डॉ. नवीन मिश्रा उपस्थित थे।