वाराणसी। पूर्वांचल के तहसील मुख्यालयों को बेहतर बिजली देने के लिए 75 नए उपकेंद्र बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 50 अक्टूबर माह तक बिजली की आपूर्ति करने लगेंगे। प्रबंध निदेशक डा. काजल ने शुक्रवार को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के सभागार में कार्य के प्रगति की समीक्षा की। काम में शिथिलता बरतने वाली तीन कंपनियों को नोटिस देकर चेतावनी दी गई है कि यदि समय से काम पूरा नहीं हुआ तो उन्हें काली सूची में डाल दिया जाएगा। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़कों के चौड़ीकरण के दौरान बीच में आ गए खंभों को हटाने के जरूरी सामग्री की खरीद जल्द करने का निर्देश दिया।
बैठक में प्रबंध निदेशक ने कहा कि सितंबर माह में 45 और 15 अक्टूबर तक अन्य उपकेंद्रों से विद्युत आपूर्ति हर हाल में शुरू हो जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि 15 सितंबर को दोबारा कार्यों की समीक्षा की जाएगी तब तक काम में ढील पाए जाने पर कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आजमगढ़ में भूमिगत केबल बिछाने के काम में ढील देने पर ठेकेदार कंपनी के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और दो वरिष्ठ अभियंताओं की टीम बनाकर काम की नियमित निगरानी करने को कहा। बैठक में विधायक एवं सांसद निधि के लंबित कार्यों को भी तुरंत निस्तारित करने को कहा गया।
पूर्वांचल में 50 हजार बीपीएल उपभोक्ताओं को कनेक्शन देने हैं लेकिन अभी अधिकारी महज 63 प्रतिशत ही कनेक्शन जारी कर पाए हैं। इस पर एमडी ने विशेष अभियान चलाकर लक्ष्य पूरा करने को कहा। बैठक में निदेशक तकनीकी एमएल शर्मा, निदेशक वित्त सुधांशु द्विवेदी के अलावा सभी जोन के मुख्य अभियंता मौजूद रहे।