वाराणसी। काठ के खिलौनों में कान्हा के रूप तो रचेंगे ही, गोपियों के रास भी झांकियों में सजे नजर आएंगे। रविवार से शुरू हो रहे दो दिनी श्रीजन्माष्टमी महोत्सव पर लकड़ी के खिलौने इस बार लुभाएंगे। लकड़ी से तैयार मथुरा की जेल भी काशी के बाजारों में बिकने के लिए तैयार है। पुलिस लाइन से लेकर चौखंभा के गोपाल मंदिर और काशी विश्वनाथ के दरबार तक जन्मोत्सव की व्यापक तैयारियां की गई हैं। काशी विद्वत परिषद ने 18 अगस्त को जन्माष्टमी का व्रत रखने की सलाह दी है।
खोजवा के लकड़ी उद्योग में इस बार कान्हा के विविद रूपों के अलावा पहरुए, गोपियां, नंद और यशोदा भी तैयार हुए हैं। मथुरा की जेल की भी डिजाइन की गई है। लकड़ी से तैयार मथुरा की जेल बाजारों में खूब पसंद की जा रही है। गुरुधाम स्थित इस्कॉन मंदिर समेत शहर के मंदिरों में जन्मोत्सव की धूम मचेगी। हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी की ओर से दो दिनी जन्माष्टमी महोत्सव रविवार को शुरू होगा। सुबह सात बजे अन्नपूर्णानगर कॉलोनी से शोभायात्रा निकाली जाएगी। सिगरा से महमूरगंज होते हुए शोभायात्रा माहेश्वरी भवन पहुंचेगी। वहां कान्हा और राधा के विग्रहों की पूजा होगी। 18 अगस्त को नंदोत्सव मनाया जाएगा। काशी विश्वनाथ मंदिर में भी जन्माष्टमी की जोरदार तैयारी है। लक्ष्मी नारायण मंदिर में झांकी सजाई जाएगी। पुलिस लाइन में जन्माष्टमी की धूम मचेगी। काशी विद्वतपरिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर वशिष्ठ त्रिपाठी ने बताया कि 18 अगस्त को जन्माष्टमी मनाना शुभ रहेगा। रविवार को विघ्न होने की वजह से अष्टमी का व्रत सोमवार को रखने की सलाह उन्होंने दी है।