वाराणसी। नारी में नेतृत्व, प्रोत्साहित करने की अनूठी क्षमता है। अपनी इस क्षमता की बदौलत नारी देश को खूबसूरत और सभ्य समाज दे सकती है। साथ ही नारी को अपनी सुरक्षा स्वयं करनी होगी। इस भावना को जगाते हुए खुद को मजबूत बनाएं और हर समय सजग रहें। ये बातें बुधवार को महिला महाविद्यालय, बीएचयू में आयोजित ‘महिला सशक्तिकरण : संरचनात्मक दृष्टि’ विषयक व्याख्यान में कॉग्नीजेंट टेक्नालॉजी सॉल्युशन्स, यूएसएस के सीनियर डायरेक्टर अतुल चंद्र पांडेय ने कहीं।
एकेडमिक फोरम ऑफ एमएमवी और कंप्लेंट्स कमेटी ऑफ सैक्सुअल हैरेसमेंट की ओर से आयोजित व्याख्यान में अतुल ने छात्राओं को ‘राइज ऑन, शाइन ऑन, बिल्ड ऑन’ के तहत उम्मीद, आशा, विश्वास, प्रेम और सम्मान देने की बात कही। प्राचार्य डा. संध्या सिंह कौशिक ने छात्राओं से यौन उत्पीड़न से बचने के लिए सावधानियां बरतने और संवेदनशील स्थितियों को समझने की शक्ति विकसित करने की बात कही। इस दौरान छात्राओं ने फोरम में शामिल सदस्यों से सवाल भी पूछे। यदि वो यौन उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं तो क्या करें। घर में यौन उत्पीड़न हो रहा है हो तो उसका विरोध कैसे करें, जैसे सवाल पूछे। एमएमवी की पूर्व प्राचार्य प्रो. सुशीला सिंह ने छात्राओं से सशक्त व सक्षम नारियों के जीवन से प्रेरणा लेकर आत्मशक्ति के साथ आगे बढ़ने की अपील की। संचालन डा. पद्मिनी आर नाथ और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. पुष्पा अग्रवाल ने किया।