वाराणसी। वाराणसी-दिल्ली के बीच चलने वाली पूर्वोत्तर रेलवे की प्रमुख ट्रेन शिवगंगा एक्सप्रेस का संचालन पहली तारीख से मंडुवाडीह स्टेशन से होगा। स्टेशन बदलने के रेल प्रशासन के फैसले में यात्रियों को सहूलियत कम और परेशानियां ज्यादा दिख रही हैं। इसके संचालन को लेकर लोग यात्रियों की सुरक्षा, स्टेशन तक जाने वाले संकरे रास्तों को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं व्यक्त कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि शहर के बाहरी हिस्से में बने इस स्टेशन तक जाने वाले रास्ते में जाम प्रमुख समस्या है। यात्री अगर इसमें फंसे तो उनकी ट्रेन छूटना तय है। हालांकि रेल प्रशासन इसे कैंट स्टेशन से यात्रियोें का दबाव कम करने और सुविधाएं दुरुस्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रहा है।
शिवगंगा एक्सप्रेस का संचालन मंडुवाडीह स्टेशन से करने की घोषणा रेल प्रशासन पहले भी कर चुका है लेकिन उस समय व्यापारियों और नागरिकों के विरोध के चलते फैसला वापस ले लिया गया था। इस बार भी यात्रियों को होने वाली समस्याओं पर चर्चाएं तो हो रही हैं। लेकिन खुलकर विरोध करने से लोग बच रहे हैं। हालांकि महमूरगंज, मंडुवाडीह, सिगरा, रथयात्रा व आस-पास रहने वाले लोग नई व्यवस्था से काफी खुश हैं। वहीं लहुराबीर, इंग्लिशिया लाइन, मैदागिन, मलदहिया और बीच शहर में रहने वाले इसमें कई व्यवहारिक दिक्कतें बता रहे हैं। उनका कहना है कि कैंट स्टेशन में दो तरफ से प्रवेश (प्लेटफार्म 1 व 9 की तरफ से) हैं। साथ ही मुगलसराय, आजमगढ़, गाजीपुर, इलाहाबाद, मिर्जापुर और बीच शहर में रहने वाले लोगों की पहुंच भी इस स्टेशन तक आसानी से हो जाती है। नई व्यवस्था के बाद आसपास के जिलों से आने वाले यात्री पहले कैंट पहुंचेंगे और फिर मंडुवाडीह जाएंगे। रास्ते संकरे हैं तो जाम में फंस कर ट्रेन छूटने की भी आशंका है। कुछ व्यापारियों की चिंता ठंड के मौसम में इस रास्ते का सूनसान होना भी है। उनका कहना है कि रेल प्रशासन के इस फैसले से माल और कैश रुपये लेकर यात्रा करने वाले व्यापारियों की सुरक्षा भी प्रभावित होगी।
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आसपास के जिलों और बीच शहर में रहने वाले लोगों के लिए ट्रेन पकड़ना आसान नहीं होगा। जाम में फंसकर ट्रेन छूटने की आशंका काफी ज्यादा है। - अजीत सिंह बग्गा, अध्यक्ष, वाराणसी व्यापार मंडल
ठंड के मौसम में मंडुवाडीह इलाका काफी सूनसान हो जाता है। ऐसे में चांदी और कैश रुपये लेकर सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित होगी। - प्रेम मिश्रा, संरक्षक, वाराणसी जिला उद्योग व्यापार मंडल
शहर के प्रमुख स्टेशन पर यात्रियों का दबाव कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है। नई व्यवस्था के बाद अन्य ट्रेनों का परिचालन भी सुगम हो जाएगा। - एके श्रीवास्तव, सीनियर डीसीएम, उत्तर रेलवे