सारनाथ। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के 27वें मंडल का शनिवार को सारनाथ में उद्घाटन हो गया। पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक प्रवीण श्रीवास्तव ने अब इस नए मंडल से जुड़े इलाके के स्मारकों का कायाकल्प हो सकेगा। नए दायित्व का अफसरों को जहां उन्होंने एहसास कराया, वहीं ऐसे महत्वपूर्ण स्थलों को सहेजने पर भी जोर दिया। सारनाथ संग्रहालय के जल्द होने वाले विस्तार की भी जानकारी दी गई।
सारनाथ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के नए मंडल के रूप में शामिल हो गया। अब इस नए मंडल का कार्यक्षेत्र इलाहाबाद, अंबेडकर नगर, बस्ती, फैजाबाद, गोंडा, कौशांबी, संत कबीरनगर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, आजमगढ़, बलिया, चंदौली, देवरिया, कुशीनगर, गाजीपुर, गोरखपुर, जौनपुर, मऊ, मीरजापुर, संत रविदासनगर, सोनभद्र, महाराजगंज तक होगा। संग्रहालय परिसर में उद्घाटन के बाद महानिदेशक ने बताया कि फैजाबाद की गुलाबबाड़ी और इलाहाबाद के खुसरोबाग जौनपुर में शर्की राजाओं के स्थापत्य के अलावा राजघाट के पुरातात्विक अवशेष स्थल इस मंडल के अहम स्थलों में शुमार हैं। इसे महकमे के चौथे सर्किल के रूप में जाना जाएगा। इस मंडल के जरिए अब स्मारकों को और बेहतर बनाया जाएगा,ताकि आने वाली पीढि़यां याद रख सकें।सारनाथ संग्रहालय के विस्तारीकरण की भी उन्होंने घोषणा की। बताया कि कार्यदायी संस्था सीपीडब्ल्यूडी को इस्टीमेट बनाने के लिए कहा गया है। जल्द ही विस्तार किया जाएगा।