वाराणसी। प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह की पुत्री डा. उपिंदर सिंह ने बुधवार की सुबह सारनाथ का भ्रमण किया। यहां उन्होंने चौखंडी स्तूप, पुरातत्व संग्रहालय, मूलगंध कुटी विहार, धमेख स्तूप आदि को देखा और उसके बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने बीएचयू के कला भवन का अवलोकन किया और शाम को दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती भी देखी।
बाबतपुर एयरपोर्ट से सुबह सवा दस बजे निकलने के बाद डा. उपिंदर सिंह सीधे सारनाथ स्थित चौखंडी स्तूप पहुंचीं। यहां उप अधीक्षण पुरातत्वविद अजय श्रीवास्तव ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने चौखंडी स्तूप देखा और पुरातत्व संग्रहालय में काफी समय बिताया। यहां के बारे में उन्होंने विस्तार से जानकारी हासिल की। उन्होंने खंडहर परिसर का भी भ्रमण किया। साथ ही धर्मराजिका स्तूप, सम्राट अशोक की लाट के अलावा वहां चल रही खुदाई के बारे में पूछताछ की। यहां के बाद वह प्राचीन मूलगंध कुटी विहार और धमेख स्तूप देखने पहुंचीं। सारनाथ के बाद उन्होंने बीएचयू के कला भवन का अवलोकन किया। इसके बाद वह बीएचयू के एलडी गेस्ट हाउस में चली गईं। यहां से शाम पौने छह बजे वह दशाश्वमेध घाट पहुंचीं और सात वैदिक ब्राह्मणों के मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने गंगा का दुग्धाभिषेक किया। इसके बाद उन्होंने गंगा आरती देखी और गंगा सेवा निधि के कार्यालय गईं। यहां निधि के सचिव हनुमान यादव ने उन्हें स्मृति चिह्न, प्रसाद और अंगवस्त्रम भेंट किया। गुरुवार को वह बीएचयू के केएन उडुप्पा सभागार में व्याख्यान देकर शाम 7.20 बजे दिल्ली रवाना हो जाएंगी।
लाइजनिंग अधिकारी (जिला समाज कल्याण अधिकारी) मीना श्रीवास्तव ने बताया कि प्रधानमंत्री की पुत्री के आगमन को देखते हुए बाबतपुर से सारनाथ के बीच में कई जगहों से अतिक्रमण हटवाए गए। एसपीजी ने पहले ही मोर्चा संभाल लिया था।