वाराणसी। बीते बरस की तमाम खट्टी-मीठी यादों को हृदय में पिरोकर काशी वासियों ने उम्मीदों की उमंग में उल्लास के साथ नव वर्ष का अभिनंदन किया। शाम से शुरू हुआ जश्न हर पल गुजरने के साथ जुनून में बदलता गया। घड़ी की सुइयों के साथ नूतनता के आलिंगन की आतुरता अधीरता में बदलती चली गई। भविष्य के सपनों के साथ स्वागत के अलग-अलग तरीके जश्न में रंग भरते रहे। हर कोई हर पल को यादगार बनाने में जुटा रहा। रात बारह बजे नए साल ने दस्तक दी तो आसमान में आतिशबाजी के रंग भर गए। रंगोली, पुष्प, संगीत, नृत्य और नए अरमानों के साथ काशी नए साल में प्रवेश कर गई।
पर्यटन स्थलों पर परिवार
नए साल की अगवानी में बच्चे, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी खुशी से लबरेज नजर आए। परिवार संग सारनाथ, रामनगर, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर समेत मिर्जापुर, चंदौली और सोनभद्र के जलप्रपात आदि पर्यटन स्थलों पर पहुंचकर साल आखिरी दिन को यादगार बनाने में जुटे रहे। बच्चे खाने के साथ खेल और झूलों से आनंदित होते रहे। घाटों पर युवाओं की टोलियां मस्ती में साल के आखिरी पलों को कैमरे में कैद करती रहीं।
गिफ्ट व फूलों की दुकानें चमकीं
नए साल के लिए सोमवार को लोगों ने जमकर खरीदारी की। गिफ्ट व ग्रीटिंग की दुकानों पर देर रात तक ग्राहकों की भीड़ रही। लोगों ने दोस्तों, संबंधियों को देने के लिए उपहार खरीदे। युवक व युवतियों ने फूलों की भी खरीदारी की। शहर भर में सैकड़ों फूलाें की दुकानें सजी रहीं।
केक व डीजे संग घरों में भी जश्न
होटल, रेस्टोरेंट संग घरों में भी नए साल का स्वागत धूमधाम से हुआ। कई युवाओं ने घर छत पर ही डीजे संग महफिल सजा ली। रात बारह बजते ही कहीं केक काटा गया तो कहीं मिठाई खिलाकर एक दूसरे का मुंह मीठा कराया गया। कई घरों में चोखा-बाटी संग लजीज व्यंजनों के स्वाद लिया गया।
साल की आखिरी सेल्फी छाई
साल के आखिरी दिन को सोशल मीडिया पर शेयर करने के लिए होड़ मची रही। फेसबुक से लेकर व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम पर साल के अंतिम दिन की फोटो और सेल्फी छाई रही।