वाराणसी। आरक्षण के बंटवारे की मांग को लेकर सोमवार को शास्त्री घाट पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने क्रमिक अनशन की शुरुआत की। पार्टी के प्रदेश महासचिव ने शशि प्रताप सिंह ने कहा कि 1990 में पिछड़ी जाति को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। तब से अब आरक्षण मिल रहा है। कुछ मजबूत जातियों को छोड़कर कमजोर जातियों को इस आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है। 169 जातियों को सरकारी व्यवस्था का लाभ बराबर मिलना चाहिए। यह अनशन 29 दिसंबर तक चलेगा।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 20 महीने पहले कैबिनेट और सदन में आवाज बुलंद की। बावजूद इसके अंधी और बहरी सरकार को न कुछ दिखाई देता है और न ही सुनाई देता है। हमारी मांग है कि 27 प्रतिशत आरक्षण को तीन भागों में बांटा जाए। पिछड़ी जाति में नौ, अति पिछड़ी जाति में 65 और सर्वाधिक पिछड़ी जाति में 95 जातियां आती हैं। इनको आरक्षण का बराबर हिस्सा दिया जाए। सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट के अनुसार 27 प्रतिशत आरक्षण को 7, 9 और 11 प्रतिशत में अलग-अलग दिया जाए। अनशन में अजगरा विधायक कैलाश नाथ सोनकर, वंदना सिंह, कांति राजभर, सुनील पटेल, छेदी यादव, संजय राजभर, अनुराधा पटेल आदि शामिल रहे।
दबाव की राजनीति में जुटी सुभासपा
29 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गाजीपुर में राजभरों की रैली को संबोधित करेंगे। इसके लिए भाजपा ने राजभर नेताओं को लगाया है। इनमें मंत्री अनिल राजभर, सकलदीप राजभर, हरिनारायण राजभर है। उधर राजभरों के वोटबैंक को ध्यान में रखकर सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर आरक्षण के बहाने राजभरों को रैली में जाने से रोकने के प्रयास में लगे हैं। माना जा रहा है सुभासपा दबाव की राजनीति में जुटी है।