आयकर विभाग की टीम ने कछवां रोड स्थित कालीन कारोबारी के वहां सर्वे कर कागजातों की जांच की। इस दौरान कुछ गड़बडि़यों की आशंका होने पर अधिकारियों ने कारोबारी के सात बैंक खातों को विभाग से अटैच कर दिया है। कारोबारी पर यह कार्रवाई विभाग की ओर से कई बार नोटिस दिए जाने के बाद भी गंभीरता से न लेने पर की गई है।
कछवा स्थित कारोबारी के वहां जैसे ही आयकर टीम पहुंची हड़कंप मच गया। सूत्रों की माने तो कारोबारी पर विभाग का एक करोड़ रुपये बकाया लंबे समय से चला रहा है। कई बार नोटिस देने के बाद भी जब कारोबारी ने कर नहीं चुकाया तो वरिष्ठ अधिकारियों ने सर्वे का फैसला लिया। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे अधिकारियों की गाड़ी कारोबारी के फर्म पर पहुंची। यहां पहुंचने के बाद फर्म में आने-जाने वालों पर पाबंदी लगा दी गई,यहां तक कि मोबाइल भी बंद करा दिया गया, जिससे कि कहीं बातचीत न हो सके । पहले कागजातों, बैंक खातों की जांच की, उसके बाद कंप्यूटर से भी रिकार्डों का मिलान किया। सहायक आयकर आयुक्त पीराम के नेतृत्व में पहुंची टीम ने पाया कि तीन चार बकाएदारों से कारोबारी को पैसा वसूलना था, इसी उद्देश्य से कारोबारी के साथ ही बकाएदारों के बैंक खातों को भी अटैच कर लिया। उधर सर्वे में नकदी मिलने का मामला सामने आया है हालांकि कोई अधिकारी कुछ बताने की स्थिति में अभी नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक अटैच खातों से एक करोड़ रुपये की वसूली न होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।