वाराणसी। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों के प्रगति की समीक्षा के दौरान पेयजलापूर्ति, सड़क चौड़ीकरण, गैस पाइप लाइन, आईपीडीएस, फ्लाईओवर, एसटीपी समेत विभिन्न योजनाओं की पड़ताल की। समीक्षा बैठक में पता चला कि सिस वरुणा (पुरानी काशी) क्षेत्र के 41 में से 10 जोन में पेयजल पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है लेकिन पेयजलापूर्ति नहीं है। इसका कनेक्शन भी नहीं दिया जा सका है। पूर्व के अभियंताओं का तबादला होने से वर्तमान के अधिकारियों को पाइप लाइन की जानकारी ही नहीं है। सीएम ने इसके लिए जिम्मेदार पूर्व में तैनात जलनिगम के अभियंताओं एवं ठेकेदारों की सूची तलब करते हुए कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही उन्हें वाराणसी अटैच करने को कहा।
उन्होंने रिंग रोड फेज-1 में कराए जा रहे कार्य की 51 फीसदी प्रगति पर नाराजगी जताई और इसे जून 2018 तक पूरा करने का निर्देश दिया। सुल्तानपुर-वाराणसी 4-6 लेन सड़क चौड़ीकरण कार्य की धीमी प्रगति पर नाराज दिखे और बचे हुए 30-35 फीसदी भूमि एनएचआई को जल्द उपलब्ध कराने के लिए कमिश्नर को निर्देश दिया। गोरखपुर-वाराणसी 4 लेन फेज-2 का काम मात्र 10 फीसदी ही पूरा होने पर संबंधित कास्तकारों को जल्द मुआवजा देकर भूमि का अधिग्रहण करने को कहा। बाबतपुर-वाराणसी फोर लेन सड़क निर्माण कार्य 71 फीसदी पूरा होने की जानकारी पर इसे जून 2018 तक पूरा करने को कहा।
गेल इंडिया द्वारा ऊर्जा गंगा परियोजना में गैस पाइप लाइन बिछाने के काम को जून 2018 तक पूरा करने को कहा। गेल इंडिया के अधिकारी ने बताया कि शहर में 38 में से 23 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है, बाकी काम जून तक पूरा हो जाएगा और गैस आपूर्ति की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गेल जिन सड़कों को खोद कर काम करे, तो उसके बाद मरम्मत भी अवश्य कराए ताकि लोगों को समस्या न हो। आईपीडीएस द्वारा पुरानी काशी में भूमिगत वायरिंग कार्य को इसी महीने पूरा कराने के साथ ही सड़कों के काम को प्राथमिकता पर करने को कहा। सीवर, पेयजल, भूमिगत वायरिंग, गैस पाइप लाइन सहित सड़कों के विभिन्न कार्यों में तेजी लाकर काम पूरा कराने को कहा। कहा जनवरी के बाद कोई सड़क गड्ढायुक्त न हो। अफसर जनवरी के बाद शहर में खुदाई की अनुमति नहीं देंगे।
सीवेज पाइप लाइन ट्रांस वरुणा -(जेएनएनयूआरएम)
कुल लंबाई- 142.5 किमी, कुल लागत-407 करोड़
अब तक हुआ काम 142.5 किमी
सिस वरुणा सीवेज पाइप-(जायका)
कुल लंबाई- 28 किमी लागत 133 करोड़
पेयजल पाइप-(जेएनएनयूआरएम)
नई पेयजल पाइप लाइन, कुल लंबाई : 694 किलोमीटर
शहर में नए बने ओवरहेड टैंक : 40
पेयजल के लिए स्वीकृत धनराशि : 518.66 करोड़ रुपये