ज्ञानपुर (भदोही)। प्रधानमंत्री आवास योजना को पारदर्शी बनाने की तमाम कवायदों के बाद भी ग्राम पंचायत अधिकारी और प्रधान की गड़बड़ी से आवास आवंटन में खामियां सामने आ रहीं हैं। औराई ब्लॉक के चकमसूद गांव में तीन अपात्रों को आवास आवंटन का मामला प्रकाश में आया है। जांच में गड़बड़ी मिलने पर तीनों से प्रथम किस्त के तौर पर जारी किए गए एक लाख 20 हजार रुपये की वसूली और एडीओ पंचायत पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
कच्चे घर और छप्पर में रहने वाले लोगों को पक्के आवास मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना लागू की गई है। योजना के तहत लाभार्थी को तीन किस्तों में एक लाख 20 हजार रुपये दिए जाते हैं। ग्राम पंचायतों में खुली बैठक के साथ ही प्रधान और सेक्रेटरी को लाभार्थी चयनित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन, ग्राम पंचायतों में लाभार्थियों के चयन में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। शुरुआती दौर में चयनित लाभार्थियों को प्रथम किस्त के तौर पर 40-40 हजार रुपये भेजा गए, लेकिन शिकायतों के बाद जांच हुई तो आवंटन में धांधली सामने आई। 30 से अधिक गांवों में जांच के दौरान अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना के 150 से अधिक अपात्र पकड़े जा चुके हैं। आईजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत के बाद प्रशासन की ओर से चकमसूद गांव में आवास आवंटन की जांच की गई तो कुल आवंटित 12 आवासों में तीन अपात्र मिले। जांच रिपोर्ट आने के बाद मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने अपात्रों से एक लाख 20 हजार रिकवरी का आदेश दिया। उन्होंने संबंधित एडीओ पंचायत के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। कहा कि जनहित की योजनाओं में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।