वाराणसी। विश्वविद्यालयों में शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल शुरू हुई है। इसके तहत शोध गंगा पोर्टल बनाया जा रहा है। लखनऊ में जुलाई में कुलपति सम्मेलन में इस प्रस्ताव पर मुहर के बाद संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय और काशी विद्यापीठ में इस पर काम शुरू हो गया है। पोर्टल पर शोध पत्र अपलोड किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थी इससे प्रेरित हो सकें।
राजभवन की ओर से समय-समय पर विश्वविद्यालयों-महाविद्यालयों में सत्र नियमितीकरण, नैक मूल्यांकन, कौशल विकास, नामांकन, शिक्षण और परीक्षा संबंधी कार्यों का ऑनलाइन किए जाने की समीक्षा की जाती है। जिस तरह से दूसरे की थीसिस पर पीएचडी करने, शोध उपाधि हासिल करने आदि के मामले सामने आ रहे हैं, उन पर अंकुश लगाने की तैयारी चल रही है। इसके अलावा शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए ऐसे छात्रों को प्रोत्साहित करने की पहल शुरू हुई है। इसके लिए शोध कार्यों का चयन कर उसे ई-लाइब्रेरी/लाइब्रेरी में रखने के साथ ही शोध पत्रों को पोर्टल पर रखे जाने के लिए शोध गंगा नाम से पोर्टल तैयार कराया जा रहा है।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. यदुनाथ प्रसाद दुबे ने बताया कि कुलपति सम्मेलन में लिए गए निर्णयों पर बिंदुवार कार्रवाई के तहत शोध छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए पोर्टल तैयार करवाया जा रहा है।