कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों के इलाज के लिए बने पोषण पुनर्वास केंद्र में पिछले साल जनवरी से दिसंबर तक 75 बच्चे आए, जबकि इस साल दो महीने में अब तक 10 से अधिक बच्चों को केंद्र में भर्ती कराया गया। वर्तमान में भी 10 बच्चों का इलाज चल रहा है। अलग-अलग ब्लॉकों से आए इन बच्चों के इलाज के साथ ही अभिभावकों को उनकी सेहत के प्रति सतर्कता बरतने की सलाह भी दी गई।
दीनदयाल अस्पताल परिसर में 12 बेड का पोषण पुनर्वास केंद्र बनाया गया है। अस्पताल के कोविड हॉस्पिटल बनने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसको शिवपुर पीएचसी में शिफ्ट कर दिया गया था। अब संक्रमण कम हुआ है तो शिवपुर पीएचसी से पुनर्वास केंद्र को दस दिन पहले ही दीनदयाल अस्पताल परिसर में बने एमसीएच विंग के नए भवन में इसका संचालन कराया जा रहा है।
केंद्र पर सबसे अधिक हरहुआ से पांच बच्चे
केंद्र पर इस समय 10 बच्चे भर्ती हैं। इसमें सबसे अधिक पांच बच्चे हरहुआ ब्लॉक के हैं। इसके अलावा बड़ागांव से दो, आराजीलाइन से तीन बच्चे भर्ती है। केंद्र पर तैनात दो चिकित्सक डॉ सौरभ सिंह, डॉ राहुल सिंह और डायटीशियन विदिशा शर्मा देखभाल कर रही हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जो टीम ब्लॉकों में बच्चों की जांच करती है, वही केंद्र में बच्चों को भर्ती कराने के लिए लाती है।