वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आठ मार्च के आगमन के मद्देनजर मंगलवार को आईजी एस. सुरेश के नेतृत्व में एसपीजी के अधिकारियों का दल शहर पहुंचा। जिला पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ एसपीजी के अधिकारियों ने बाबतपुर एयरपोर्ट, पुलिस लाइन, काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र और दीनदयाल हस्तकला संकुल में एडवांस सिक्योरिटी लायजनिंग (एएसएल) बैठक की।
प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था और आवाजाही के रूट की कार्ययोजना को बुधवार को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री के दौरे से संबंधित सभी कार्यक्रम स्थल बुधवार शाम से एसपीजी की सीधी निगरानी में होंगे। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थलों के स्थलीय निरीक्षण के दौरान एसपीजी के अधिकारियों ने सर्वाधिक समय काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र और हस्तकला संकुल में बिताया। एसपीजी के अधिकारियों ने काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में नीलकंठ द्वार के रास्ते प्रवेश किया। डीएम और एसएसपी से श्रद्धालुओं की आवाजाही के रास्तों की जानकारी ली। मंदिर परिक्षेत्र से सटे भवनों के बारे में सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूछा और इसके बाद गंगा की ओर जाने वाले ललिता घाट के मार्ग देखे। इसके बाद सभी गर्भ गृह पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिए। बुधवार को एक बार फिर एसपीजी के अधिकारी काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र और हस्तकला संकुल का मुआयना करेंगे।
विरोध प्रदर्शन की आशंका पर खुफिया एजेंसियां सतर्क
विश्वनाथ कॉरिडोर को लेकर पूर्व में धरना प्रदर्शन किया जा चुका है। इसे लेकर खुफिया एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। नई दिल्ली से आए केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के दो दर्जन से अधिक अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के दौरे से जुड़े कार्यक्रम स्थलों के आसपास अपना जाल बिछा दिया है। पुलिस की स्थानीय अभिसूचना इकाई भी अतिरिक्त सतर्कता के साथ काम कर रही है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर गंगा में 11 एनडीआरएफ, जल पुलिस और पीएसी बाढ़ राहत दल के साथ ही नौसेना के जवान भी तैनात रहेंगे। थल सेना और वायु सेना के अधिकारी एलर्ट मोड में रहेंगे।