वाराणसी। प्रवासी भारतीय सम्मेलन को लेकर ऐढ़े गंाव में टेंट सिटी बनाई जा रही है। यह सिटी काशी आने वाले अतिथियों के लिए खास होगी। इस टेंट सिटी को कुछ इस तरह डिजाइन किया जा रहा है, जिसमें एक शहर में मिलने वाली सभी सुविधाएं होंगी। वहीं इस अस्थायी शहर में काशी के धर्म और कला की झलक भी देखने को मिलेगी। एक-एक टेंट को अलग-अलग नाम दिया जाएगा। वहीं सड़कों का भी नामकरण किया जाएगा।
21 से 23 जनवरी तक होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन को देखते हुए पूरे शहर को सजाया जा रहा है। वहीं इन मेहमानों को रुकने के लिए स्विस कॉटेज बनाए जा रहे हैं। 600 से अधिक संख्या में बनने वाले टेंटों में कुल तीन तरह के टेंट लगाए जा रहे हें। एक वीवीआईपी टेंट, जिसमें एक बेड के साथ उच्चस्तरीय सुविधा होगी, इसे नाम विला दिया गया है। दूसरा वह जिसमें दो बेड होंगे। तीसरा ऐसा होगा, जिसमें चार बेड लगाए जाएंगे। सिंगल बेड वाले स्विस कॉटेज को दो राउंड में कुल 50 विला बनाए गए हैं। आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार से अपने आवास तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो। इसके लिए हर एक समूह में लगाए गए टेंटों को नाम दिया जा रहा है। इन्हें गंगा, यमुना, गोदावरी, क्षिप्रा, वरूणा, गोमती और सरस्वती नाम रखने का प्रस्ताव हुआ है। वहीं सिटी के अंदर वाले मार्ग का भी नाम भगवान के नाम से रखा जाएगा। ताकि काशी आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिकता का एहसास हो सके।
निर्माण में दिखेगी काशी की पहचान
टेंट सिटी का हर डाइनिंग हाल भी कुछ अलग ही होगा। इसमें विला के लिए बनाए जा रहे डाइनिंग हॉल को भी मंदिर नुमा बनाया जा रहा है। वहीं एक दूसरे हॉल के प्रवेश द्वार पर काशी के गंगा घाटों की पेंटिंग बनाई जाएगी। ऐसे में वहां बनने वाले अस्पताल, पुलिस स्टेशन सहित सभी तरह के बनावट को कुछ अलग अलग तरह से बनाया जा रहा है।
चल रहा पेंटिंग का कार्य
कचहरी से लेकर ऐढे गांव तक सड़क का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। वहीं बीच में हेरिटेज लाइटिंग भी लगाई जा रही है। डिवाइडर पेंट किए जा रहे हैं, इसके अलावा उस मार्ग में आने वाली दीवारों को भी पेंट किया जा रहा है। ऐढ़े गांव के समीप पढ़ने वाले रिंग रोड के ओवर ब्रिज की दीवारों को भी पेंट किया जा रहा है, ताकि आने वाले मेहमानों को धार्मिकता का एहसास दिलाया जा सके।
गेट पर तैनात रहेंगे ई रिक्शा
अब तक योजना के अनुसार टेंट सिटी में आवश्यक वाहनों को छोड़कर कोई भी वाहन प्रवेश नहीं करेगा। सिटी के प्रवेशद्वार पर ही ई रिक्शा तैनात रहेंगे, जो सभी अतिथियों को उनके टेंट तक छोड़ेंगे। इसके लिए ई रिक्शा को भी अलग अलग लुक दिया जाएगा।