वाराणसी। इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कामर्स (उत्तर प्रदेश शाखा) के संयोजन में ‘बैंक एवं निर्यातकों के अंतर्संबंध’ विषय पर एक विवेचनात्मक गोष्ठी का आयोजन कैंटोंमेंट स्थित एक होटल में किया गया। इस दौरान दो बिंदुओं, आर्थिक क्षेत्र में बढ़ते साइबर अपराध व उनकी सम्यक सुरक्षा तथा छोटे व मंझले उद्योगों के लिए आर्थिक उपलब्धता पर विस्तार से चर्चा हुई।
परिचर्चा के प्रथम चरण में साइबर सुरक्षा के विषय को बैंक ऑफ बड़ौदा के निखिल आनंद ने विस्तार से बताया तथा इसके विभिन्न पक्षों की चर्चा की। चैंबर के पूर्व अध्यक्ष एवं रीजनल काउंसिल सदस्य अरुण कुमार अग्रवाल ने मुख्य अतिथि जगमोहन सिंह का परिचय प्रस्तुत किया। इस परिचर्चा में कामर्स के सदस्यों एलआर मौर्या, पुनीत रमन, आरके गोयल, राज अग्रवाल, अनीता डे, राज कुमार कोठारी, आलोक कुमार बरनवाल, सीए जीडी दूबे, ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक के एजीएम दीपक ज्योति, ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स के उप महाप्रबंधक तौफीक आलम तथा अन्य अधिकारी पारस जैन, रवींद्र जैन, विजय कुमार, ऐक्सिस बैंक की उपाध्यक्ष मुक्मा मलिक तथा राजीव माटा, नेशनल स्माल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड के सह-मैनेजर विनोद कुमार जयसवाल रहे। स्वागत चैंबर के अध्यक्ष विनय कुमार शुक्ला ने किया। संचालन सीए मुकुल कुमार शाह ने किया।