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बेखौफ ठेकेदारों ने खोद डाला गंगा का खादर

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वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के बाद भी रमचंदीपुर में गंगा केे ढाब क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन किया गया। डूब क्षेत्र में 85020 घनमीटर खनन का ठेका प्रशासन ने दिया था लेकिन ठेकेदार ने प्रपत्रों में हेराफेरी कर करीब पांच गुना से ज्यादा खनन करा दिया। खनन के मानकों की भी जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। नियमत: पौने दो मीटर गहराई तक खनन कराने की अनुमति है लेकिन यहां तकरीबन चार मीटर तक जेसीबी से खनन कराया गया। खनन विभाग की मिलीभगत से कराए गए करोड़ों के इस अवैध खनन का खुलासा जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र की ओर से कराई गई जांच में हुआ है। स्थानीय लोगों की शिकायत पर डीएम ने यह जांच कराई थी। डीएम ने तत्काल प्रभाव से खनन बंद करवा दिया है।
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मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। वहीं, सत्ताधारी दल के कुछ लोग मामला रफा-दफा कराने की कोशिश में हैं। एक करोड़ के ठेके पर 15 करोड़ से अधिक का अवैध बालू खनन कराए जाने की आशंका जांच टीम ने जताई है। प्रशासन ने अक्तूबर महीने में छितौनी के अभिषेक सिंह को चौबेपुर थाना क्षेत्र के रमचंदीपुुर में गंगा नदी के किनारे 85020 घनमीटर खनन का ठेका दिया था। 12 एकड़ में खनन कराया जाना था। 28 अक्तूबर से ठेकेदार ने खनन शुरू कराया। तब से यहां कई जेसीबी लगाकर बालू खनन और उसकी सप्लाई की जा रही थी।
पिछले महीने स्थानीय लोगों ने डीएम से यहां अवैध खनन की शिकायत की। डीएम ने इसकी जांच सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. विश्राम , सीओ पिंडरा, एआरटीओ और जिला खनन अधिकारी अनिल सिंह को संयुक्त रूप से दी। इसमें मजिस्ट्रेट, सीओ पिंडरा और एआरटीओ और जिला खनन अधिकारी ने अलग-अलग जांच रिपोर्ट डीएम को दी है। अधिकारियों की रिपोर्ट में बड़े पैमाने पर अवैध खनन और अनियमितताओं की पुष्टि हुई है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रकों को बालू लेकर निकलने से पूर्व प्रपत्र एमएम-11 जारी किया जाता है। एक एमएम-11 प्रपत्र एक बार के लिए ही इस्तेमाल होता है। यहां एक एमएम-11 से दस से अधिक लोडेड ट्रक पास कराए गए। ठेके दार ने जो कागजात दिखाए, उसके मुताबिक उसने अब तक 63 हजार घनमीटर में खनन किया है लेकिन जांच अधिकारियों के मुताबिक मानक से पांच गुना ज्यादा खनन किया गया है। जांच टीम ने खनन की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराते हुए रिपोर्ट दी है। डीएम ने जांच रिपोर्ट मिलने के बाद चार दिन पूर्व खनन बंद करवा दिया है। इसके बाद से हड़कंप मचा हुआ है।
दो एकड़ में ही कर लिया 63 हजार घन मीटर का खनन
ठेकेदार ने 12 एकड़ में खनन की अनुमति मांगी जिसे प्रशासन ने मंजूरी दी थी। ठेकेदार ने जांच अधिकारियों को बताया कि उसने अब तक करीब 63 हजार घन मीटर का खनन किया है और करीब 22 हजार घन मीटर करना बाकी है। जांच अधिकारी हैरत में थे कि 63 हजार घन मीटर खनन के लिए केवल दो एकड़ जमीन का इस्तेमाल किया गया। बाकी दस एकड़ में न जाने कितना खनन और होगा। जांच में यह भी पता चला कि जिस स्थान पर खनन हो रहा है और जहां से ट्रक पास होते हैं वहां चेकिंग के लिए खनन की कोई चौकी नहीं थी।
रमचंदीपुर में अवैध खनन की शिकायतों पर जांच कराई गई थी। खनन बंदा करा दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - योगेश्वर राम मिश्र, डीएम
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