वाराणसी। सनातन धर्म इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डॉ. हरेंद्र कुमार राय को इसी साल मिले राष्ट्रपति पुरस्कार पर सवाल उठने लगे हैं। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर से शिकायत की गई है कि मानकों की अवहेलना कर उन्हें पुरस्कार दिया गया है। इस पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने माध्यमिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव को कमेटी गठित कर जांच कराने का निर्देश दिया है। वहीं, हरेंद्र कुमार राय का कहना है कि उनके खिलाफ गलत आरोप लगाया गया है। शिक्षा के क्षेत्र से किए गए उल्लेखनीय कार्यों के आधार पर उन्हें पुरस्कार मिला है।
आजमगढ़ जिले के रामपुर, कठेरवां निवासी आरटीआई कार्यकर्ता हरिकेश बहादुर सिंह ने एक सितंबर को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र भेजकर डॉ. हरेंद्र कुमार राय को राष्ट्रपति पुरस्कार दिए जाने पर सवाल उठाया था। पत्र में लिखा है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों और भाजपा नेताओं की पैरवी की वजह से उन्हें पुरस्कार मिला है। कहा कि किसी राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति को राष्ट्रपति पुरस्कार नहीं दिया जाना चाहिए। हरेंद्र राय भाजपा काशी क्षेत्र के सदस्य होने के साथ ही पूर्व में भाजपा के टिकट पर चंदौली से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। उनके खिलाफ मुकदमे भी दर्ज हैं। उनके शिकायती पत्र के आधार पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 27 सितंबर को अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा को कमेटी गठित कर जांच कराकर रिपोर्ट देने को कहा है। इस संबंध में डीआईओएस ओपी राय का कहना है कि उन्हें इस तरह की किसी जांच की जानकारी नहीं है।