बिजली बिल बकाया से संबंधित मामलों में 15 लाख 13 ह जार 207 की समझौता राशि निर्धारित की गई। राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय रत्नेश मणि त्रिपाठी ने 36 वैवाहिक मामलों का निस्तारण किया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी वंश बहादुर यादव ने 20 मामलों और अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत पवन कुमार तिवारी ने एक मामले का निस्तारण किया।
इसी क्रम में अपर जिला जज द्वितीय पुष्पा सिंह द्वारा 111 मामले, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आनन्द मिश्रा ने 1,498 मामले और अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशीष कुमार सिंह द्वारा 339 मामलों का निस्तारण किया। अपर जिला जज/पॉक्सो प्रथम लोकेश कुमार मिश्रा द्वारा बैंक के प्री-लिटिगेशन से संबंधित 832 मामलों का निस्तारण किया। इसके अतिरिक्त प्रशासनिक एवं राजस्व विभाग से संबंधित 54,175 मामलों का भी निस्तारण किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए पुष्पा सिंह अपर जिला जज द्वितीय को नोडल अधिकारी नामित किया गया था। वहीं बैंक के एनपीए खातों में लंबित ऋण की वसूली के लिए प्री-लिटिगेशन स्तर पर पृथक पीठ का गठन किया गया था, जिसके माध्यम से बैंक ऋण से संबंधित मामलों के निस्तारण एवं वसूली की प्रभावी कार्रवाई की गई।