वाराणसी। छावनी क्षेत्र से बाबा काल भैरव मंदिर जाने के दौरान लहुराबीर-कबीरचौरा मार्ग पर स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के पास समर्थकों की भीड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाहन को अचानक घेर कर रोक लिया लिया। यह देख साथ चल रहे अफसरों के हाथ-पांव फूलने लगे। एसपीजी के अधिकारियोें ने तुरंत प्रधानमंत्री के वाहन का सुरक्षा घेरा बनाया और मौजूद लोगों को किनारे करते हुए उन्हें आगे बढ़ाया। मोदी-मोदी और हर-हर महादेव का उद्घोष सुनकर प्रधानमंत्री ने समर्थकों का हाथ जोड़ कर अभिवादन किया।
प्रधानमंत्री के वाहन को रोके जाने की घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए। चर्चाएं होती रहीं कि यह सुरक्षा व्यवस्था में चूक है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री के वाहन की रफ्तार बहुत कम थी। धूप में भारी संख्या में खड़े समर्थकोें को प्रधानमंत्री ने देखा तो उनका अभिवादन स्वीकार करने के लिए वाहन की रफ्तार और कम की गई। इस दौरान प्रधानमंत्री एसपीजी के सुरक्षा घेरे में थे। वहीं जब प्रधानमंत्री कलक्ट्रेट में नामांकन करने पहुंचे तो जिस गेट से उन्हें प्रवेश करना था वहां पुलिसकर्मियों के बार-बार कहने के बावजूद एक कार खड़ी रही। बाद में पता चला कि वह कार एक समाचार चैनल की थी।
छावनी क्षेत्र स्थित होटल में प्रधानमंत्री भाजपा के बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान अग्रिम पंक्ति में बैठी एक किशोरी कुर्सी से खड़ी हुई और प्रधानमंत्री को पत्रक दिखाने लगी। इस पर उन्होंने भाषण रोक दिया। एसपीजी के एक अधिकारी को किशोरी के पास भेजकर पत्रक मंगवाया और उसे बैठ जाने को कहा। पीएम का भाषण खत्म होने के बाद किशोरी ने बताया कि उसका नाम ज्योति गुप्ता है और वह दुर्गाकुंड की रहने वाली है। ज्योति के अनुसार, उसके पिता राजाबाबू जेल में बंद हैं। उन्हें छुड़ाने के लिए उसने प्रधानमंत्री से गुहार लगाई है।