वाराणसी। शतकीय सोपान की ओर बढ़ रहा संकटमोचन संगीत समारोह अब ललित कलाओं के महाकुंभ के रूप में स्थापित होता जा रहा है। इस बार संकटमोचन संगीत समारोह चार से नौ अप्रैल तक होगा। संगीत आयोजन के साथ ही उत्सव प्रांगण में चित्रकला, मूर्तिकला, छायांकन सहित अन्य ललित कलाओं की सुसज्जित गैलरी इस बार भी समारोह की शोभा बढ़ाएंगे। सुर-ताल के महारथियों के साथ ही कला की अन्य विधाओं के दिग्गज अपनी कलाकृतियों का प्रदर्शन करेंगे।
संकटमोचन के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र के निर्देशन में आनंदवन ग्रुप, संस्कार भारती यूपी और संकटमोचन फाउंडेशन के संयुक्त संयोजन में कलाकारों ने रविवार को विभिन्न हनुमत रूप को बनाया। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के ललित कला विभाग में शिक्षक डॉ. सुनील विश्वकर्मा ने बताया कि इस बार आर्ट गैलरी में भगवान बजरंग बली के किए गए महान दैवीय कार्यों को आकर्षक ढंग से दर्शाया जाएगा। न्यूरोलॉजिस्ट प्रो. विजयनाथ मिश्र ने बताया कि प्रभु हनुमान के लोककल्याणार्थ किये गए कार्यों पर इस बार की जीवंत झांकी हनुमत भक्तों के रोम-रोम को पुलकित कर देगी। कलाकरों ने इस झांकी में हनुमत प्रभु के दीर्घ स्वरूप के साथ ही उनके सूक्ष्म रुप की प्रतिकृति भी अनूठे ढंग से उकेरेंगे।