फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कबीर की वाणी के अनुसरण से समाज में आएगा बदलाव0

विज्ञापन
विज्ञापन
संत कबीर के बाद जितने भी संत हुए सभी ने कबीर की ही बात की। उनकी ही वाणी का अनुसरण करके आज समाज को बदला जा सकता है। समाज को अगर वास्तव में बदलना चाहते हैं तो कबीर की वाणी और उनकी तरह क्रांतिकारी बनना होगा। कबीर पाखंड के खिलाफ थे और आज पाखंड का ही बोलबाला है। उक्त बातें हिंदू आचार्य सभा, उदासीन संप्रदाय मथुरा के संरक्षक महामंडलेश्वर स्वामी गुरु शरणानंद महाराज ने कहीं। वह शनिवार की देर शाम को संत कबीर परिनिर्वाण पंचशती के मौके पर कबीरचौरा स्थित मूलगादी कबीर मठ में कबीर के जीवन, कर्म और शिक्षाओं पर आधारित गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि जो संस्कृत भी नहीं जानते वो कबीर की वाणी को जानते हैं, कबीर के दोहे, साखी, सबद गांव के आम जनों को याद हैं। इसकी वजह है कि कबीर लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि कबीर के मार्ग पर चलने से कई समस्याएं स्वत: दूर हो जाती हैं। हिंदू धर्म महासभा के महामंत्री आचार्य महामंडलेश्वर परमात्मानंद महाराज ने कबीर की ख्याति और उनके महत्व को बताया। महामंडलेश्वर स्वामी हंसाराम महाराज ने कहा कि आज पूरी दुनिया कबीर को पढ़ रही है। कबीर चौरा मठ का कबीर को लेकर जो संकल्प है उसे पूरा करने के लिए सभी को आगे आना चाहिए। महर्षि वाल्मिकी आश्रम उज्जैन के स्वामी उमेशनाथ महाराज ने कहा कि संत कबीर ने समरसता की जो बातें सैकड़ों साल पहले कही थीं, उसकी आज जरूरत महसूस हो रही है। इस मौके पर संत विवेकदास द्वारा लिखित पुस्तक कबीर चौरा मठ मूलगादी की पांच परियोजनाओं का लोकार्पण संतों ने किया। इसके बाद कबीर मंडली ने भजन और सांगीतिक प्रस्तुतियां दीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें