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अव्यवस्था के खिलाफ परिसर में उबाल

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वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में व्याप्त अव्यवस्था के खिलाफ शनिवार को उबाल आ गया। छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लामबंद कक्षाओं में पठन-पाठन से लेकर कार्यालय तक के काम ठप हो गए। तीनों ने अलग-अलग स्थलों पर धरना प्रदर्शन किया, जिससे दिन भर कैंपस नारों से गूंजता रहा। शिक्षकों ने जहां नियुक्ति में अनियमितता को लेकर केंद्रीय कार्यालय के गेट पर धरना दिया तो वेतन न मिलने से नाराज कर्मचारी गेट के सामने धरने पर बैठ गए। वहीं, छात्रावास की समस्याओं को लेकर छात्रों ने भी धरना प्रदर्शन किया।
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प्रो. आशुतोष मिश्र और डॉ. शैलेश मिश्र के नेतृत्व में बैठे शिक्षकों ने कुलपति पर नियुक्ति में अनियमितता का आरोप लगाया। उन्होंने इस मामले में कुलाधिपति को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना था कि परिनियम में संशोधन के बिना कोई भी नियुक्ति न की जाए। शिक्षकों ने कुलसचिव को पद से हटाने के कुलपति के फैसले पर भी सवाल खड़ा किया। कहा कि उन्होंने एक शिक्षक के लिए ऐसा गलत कदम उठाया है। धरने में प्रो. व्यास मिश्र, प्रो. राजनाथ, प्रो. प्रेमनारायण सिंह, डॉ. राघवेंद्र चौबे, प्रो. विनीता और डॉ. जितेंद्र आदि मौजूद थे। डॉ. शैलेश ने बताया कि धरना रविवार को भी जारी रहेगा।
वेतन न मिलने से कर्मचारी नाराज
वेतन न मिलने से नाराज कर्मचारियों ने कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार तिवारी के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण सितंबर का वेतन अभी तक नहीं मिला। इसके अलावा वेतन समिति की संस्तुति के आधार पर वेतन न देनेे, आडिट आपत्तियों का निस्तारण न होने, एसीपी सुविधा न मिलने का आरोप लगाया। कहा कि उनकी मांगों पर जब तक सकारात्मक कदम नहीं उठाया जाता, तब तक धरना चलता रहेगा। इस दौरान प्रदीप पांडेय और विनय सिंह समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।
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छह सूत्रीय मांगों को लेकर छात्र आंदोलित
छह सूत्री मांगों को लेकर प्रशासनिक भवन के पास छात्रों ने भी धरना दिया। जगदंबा मिश्र, देवनारायण पांडेय, शशिकांत पांडेय और कौशल मिश्र आदि ने कुलपति को ज्ञापन दिया। छात्रों ने कुलसचिव प्रभाष द्विवेदी को कार्यमुक्त करने, छात्रावासों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने, बंद हॉस्टल खोलने, कक्षाओं का नियमित संचालन कर कोर्स पूरा कराने और पुस्तकालय की व्यवस्था सुधारने की मांग की। छात्रों ने कुलाधिपति, मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री को भी ज्ञापन भेजा है।
मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ गए कुलपति
परिसर का माहौल गरम होते ही कुलपति प्रो. यदुनाथ प्रसाद दूबे देर शाम मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ रवाना हो गए। कुलपति ने बताया कि वित्तीय और प्रशासनिक समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से बातचीत की जाएगी। उन्होंने रविवार को मिलने का समय दिया है। संभावना है कि जल्द ही समस्याओं का समाधान हो जाएगा। इसकी जानकारी धरनारत शिक्षकों-कर्मचारियों और छात्रों को दी जा चुकी है।
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