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6th International Short Film Festival: काशी में बोले प्रकाश झा, 'वेब सीरीज व शॉर्ट फिल्मों का बढ़ा चलन'

Sat, 02 Dec 2023 04:11 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

6th International Short Film Festival: निर्माता, निदेशक और अभिनेता प्रकाश झा ने कहा कि बदलते दौर में वेब सीरीज और शॉर्ट फिल्मों का चलन बढ़ा है। फिल्मों को लेकर लोगों की जो अपेक्षाएं हैं उन पर शोध होना चाहिए। प्रकाश ने बताया कि वे देश के पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव द्वारा लिखी पुस्तक द हाफ लॉयन पर वेब सीरीज बना रहे हैं।
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प्रकाश झा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हिंदी फिल्मों के निर्देशकों की सोच और प्रस्तुत करने का तरीका इतना शानदार है कि उनके आगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तकनीकी भी फीकी पड़ जा रही है। वाराणसी में ज्यादा फिल्में बननी चाहिए और इसके लिए यहां फिल्म जगत के लोगों को आवश्यतानुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी अनुरोध करूंगा। यह बातें शुक्रवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कमिश्नरी ऑडिटोरियम में छठें अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन में कहीं। पहले दिन चार शो में 32 देशों की शॉर्ट फिल्में दिखाई गईं।

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नकवी ने कहा कि बनारस में फिल्मों के लिए यहां सभी प्रकार के संसाधन उपलब्ध हैं। यही कारण है कि बदलते दौर में भी फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद है। निर्माता, निदेशक व अभिनेता प्रकाश झा ने इंडियन इन्फोटेन्मेट मीडिया कारपोरेशन (आईआईएमसी) की टीम को आयोजन के लिए कहा कि ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए। ऐसे फिल्म फेस्टिवल ही फिल्मकार और दर्शक को सीधे एक दूसरे से जुड़ने और अपनी बातें साझा करने का मंच प्रदान करते हैं।
आईआईएम के चेयरमैन देवेंद्र खंडेलवाल ने कहा कि फेस्टिवल में पहले 115 देशों से 3212 फिल्मों का चयन हुआ। प्रीलिमिनरी जूरी ने समय लगाकर फिल्मों को पूरा देखा और 45 देशों की 94 फिल्मों का चयन किया। जिनका प्रदर्शन इन तीन दिनों में किया जाएगा। इस मौके पर उपनिदेशक पर्यटन आरके रावत के साथ फिल्मी हस्तियों में देबश्री रॉय, रूमी जाफरी, सुधरी पांडेय, अशोक कुमार बर्मन, मधुरिमा तुली, विनोद गनत्रा, अश्विनी अय्यर, मनीष तिवारी, वरुणा शेट्टी, प्रियंका अग्निहोत्री मौजूद रहे।
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प्रकाश झा बोले, फिल्मों के प्रति जनता की अपेक्षाओं पर हो शोध

निर्माता, निदेशक और अभिनेता प्रकाश झा ने कहा कि बदलते दौर में वेब सीरीज और शॉर्ट फिल्मों का चलन बढ़ा है। फिल्मों को लेकर लोगों की जो अपेक्षाएं हैं उन पर शोध होना चाहिए। प्रकाश ने बताया कि वे देश के पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव द्वारा लिखी पुस्तक द हाफ लॉयन पर वेब सीरीज बना रहे हैं। कहा कि वाराणसी कला और संस्कृति की नगरी के साथ ही पर्यटन का भी बड़ा केंद्र है। इसलिए निर्माता फिल्मों की शूटिंग के लिए इस लोकेशन को प्राथमिकता देते हैं।

फिल्म फेस्टिवल - फोटो : सोशल मीडिया
फिल्म फेस्टिवल को नया आयाम देगा वाराणसी

फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा लेने वाराणसी पहुंची अभिनेत्री देबश्री रॉय ने कहा कि कला और संस्कृति की नगरी वाराणसी में हुआ यह आयोजन फिल्म फेस्टिवल को नया आयाम देगा। पहले भी फिल्में उतनी ही देखी जाती थीं और आज भी। फर्क यह है कि पहले बड़े पर्दे का चलन था जो अब वेबसीरीज और शॉर्ट फिल्मों में तब्दील हो गया है। इसलिए बड़े पर्दे से ज्यादा वेबसीरीज लोकप्रिय हो रही है। शॉर्ट फिल्में भी बहुत पसंद की जा रही हैं। वाराणसी को उन्होंने अपनी पसंदीदा जगहों में से एक बताया।

चीन की फिल्म रोमांस सागा ऑफ राम एंड सीता की रही चर्चा

फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन सत्र में सबसे पहले चाइना की रोमांस सागा ऑफ राम एंड सीता की खासी चर्चा रही। यह एक प्रमोशनल फिल्म के साथ-साथ एक मूल संगीत वीडियो है, जो भगवान राम के प्रति चीनी मानस और धारणा को दर्शाने वाली एक प्रकार का दृश्यावली है। फिल्म श्रीलंका में जन्में साई सुरेंद्र ने निर्देशित की है और वे ही फिल्म के निर्माता हैं। इसके बाद भारत की द लैंड ऑफ जंगल बुक का प्रदर्शन हुआ। ऐसे ही नेपाल, युनाइटेड किंंगडम, फिलीपीन्स, ईरान, ब्राजील, स्पेन, इक्वाडोर, इटली, पेरू, अलजेरिया, चेक रिपब्लिक, होंडुरास, यूएसए, इस्राइल, डेनमार्क, नाइजीरिया, कोलंबिया, नीदरलैंड, जर्मनी और अर्जेंटीना की फिल्में दिखाई गईं।
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फिल्म न चले तो घबराए नहीं, गलतियों से सीखें

निर्माता निदेशक प्रकाश झा ने एक घंटे की मास्टर क्लास में अपने अनुभव को साझा किए। कहा कि आजकल लोग एक फिल्म बनाते हैं और न चलने पर घबरा जाते हैं। ऐसी गलती नहीं करनी है, बल्कि गलतियों से सीखना है। बताया कि उनकी बनाई फिल्म दामुल जो एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म थी, उसे अवार्ड मिला था। लेकिन जब उन्होंने इसे घरवालों के साथ मेड को दिखाई और उससे पूछा कैसी फिल्म है, तो उसने कहा ठीक है, लेकिन अगली बार फिल्म बनाना... इसके बाद उन्होंने तय किया कि लोगों के एंटरटेनमेंट वैल्यू को ध्यान में रख कर बनाएंगे। उन्होंने बताया कि डॉक्यूमेंट्री को लोग बोरिंग कहते हैं लेकिन ऐसी फिल्में बोरिंग नहीं होती अगर उन्हें अच्छे ढंग से फिल्माया जाए।

आज प्रदर्शित की जाएंगी 22 देशों की 37 फिल्में

कमिश्नरी ऑडिटोरियम में शनिवार को छठे अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के दूसरे दिन 22 देशों की 37 फिल्में का प्रदर्शन किया जाएगा। आईआईएमसी के अध्यक्ष देवेंद्र खंडेलवाल ने बताया कि फिल्मों का प्रदर्शन सुबह 11 बजे से शाम के 5.30 बजे तक फिल्मों का प्रदर्शन होगा। फिल्मों के तीन शो होंगे। इसमें पहले सुबह 11 बजे से 1.30 बजे तक पहले शो में 16 फिल्में, 2 बजे से 4 बजे तक दूसरे शो में 11 फिल्में और शाम 4 बजे से 5.30 बजे तक तीसरे शो में 10 फिल्मों का प्रदर्शन होगा। इन फिल्मों का प्रदर्शन निशुल्क किया जा रहा है।
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