फिल्म फेस्टिवल को नया आयाम देगा वाराणसी
फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा लेने वाराणसी पहुंची अभिनेत्री देबश्री रॉय ने कहा कि कला और संस्कृति की नगरी वाराणसी में हुआ यह आयोजन फिल्म फेस्टिवल को नया आयाम देगा। पहले भी फिल्में उतनी ही देखी जाती थीं और आज भी। फर्क यह है कि पहले बड़े पर्दे का चलन था जो अब वेबसीरीज और शॉर्ट फिल्मों में तब्दील हो गया है। इसलिए बड़े पर्दे से ज्यादा वेबसीरीज लोकप्रिय हो रही है। शॉर्ट फिल्में भी बहुत पसंद की जा रही हैं। वाराणसी को उन्होंने अपनी पसंदीदा जगहों में से एक बताया।
चीन की फिल्म रोमांस सागा ऑफ राम एंड सीता की रही चर्चा
फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन सत्र में सबसे पहले चाइना की रोमांस सागा ऑफ राम एंड सीता की खासी चर्चा रही। यह एक प्रमोशनल फिल्म के साथ-साथ एक मूल संगीत वीडियो है, जो भगवान राम के प्रति चीनी मानस और धारणा को दर्शाने वाली एक प्रकार का दृश्यावली है। फिल्म श्रीलंका में जन्में साई सुरेंद्र ने निर्देशित की है और वे ही फिल्म के निर्माता हैं। इसके बाद भारत की द लैंड ऑफ जंगल बुक का प्रदर्शन हुआ। ऐसे ही नेपाल, युनाइटेड किंंगडम, फिलीपीन्स, ईरान, ब्राजील, स्पेन, इक्वाडोर, इटली, पेरू, अलजेरिया, चेक रिपब्लिक, होंडुरास, यूएसए, इस्राइल, डेनमार्क, नाइजीरिया, कोलंबिया, नीदरलैंड, जर्मनी और अर्जेंटीना की फिल्में दिखाई गईं।