वाराणसी। बीएचयू के समाजशास्त्र विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनोज वर्मा की पिटाई के मामले में लंका थाने में विभागाध्यक्ष प्रो. एके जोशी और एक नामजद समेत पंद्रह अज्ञात छात्रों पर मारपीट, बलवा, एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। प्रकरण की जांच सीओ भेलूपुर करेंगे। उधर, मंगलवार को विभाग में कक्षाएं तो चलीं, लेकिन दहशत का माहौल दिखा।
समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष और एक छात्रा की फोटो टिप्पणी के साथ फेसबुक पर शेयर करने और छात्राओं के साथ छेड़खानी का आरोप लगाते हुए सोमवार को डॉ. वर्मा को कुछ छात्रों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था। घटना के बाद डॉ. वर्मा ने लंका थानाध्यक्ष में तहरीर देकर विभागाध्यक्ष प्रो. एके जोशी को जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्रो. जोशी के साथ ही छात्र अनंत नारायण मिश्रा समेत 15 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। उधर, प्रो. जोशी ने डॉ. वर्मा के आरोप को साजिश बताते हुए कहा कि जांच में तस्वीर साफ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि संकाय की बैठक में भी जांच की मांग की गई है। घटना से पहले कई बार छात्राओं ने डॉ. वर्मा पर छेड़खानी का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। अब वह साजिश रचकर इस तरह का कदम उठा रहे हैं जो गलत है। बता दें कि डॉ. वर्मा के खिलाफ भी लंका थाने में छेड़खानी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है।
शिक्षकों ने की घटना की निंदा
मंगलवार को समाज विज्ञान संकाय में हुई बैठक में शिक्षकों ने घटना पर निंदा प्रस्ताव पारित किया। संकाय प्रमुख प्रो. आरपी पाठक की अध्यक्षता में हुई बैठक में समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. एके जोशी, प्रो. कौशल किशोर मिश्र सहित संकाय से जुड़े विभाग के अध्यक्ष, समन्वयक मौजूद रहे। शिक्षकों ने घटना को अशोभनीय बताते हुए इसे विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने का कुत्सित प्रयास बताया। घटना की जांच के साथ ही दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी की गई।