फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गलत सूचना पर बिहार पुलिस-एटीएस की फजीहत

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। आईबी के एक कर्मचारी की गलत सूचना पर यकीन कर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती घायल व्यक्ति को हार्डकोर इनामी नक्सली समझ कर घेरेबंदी करने की वजह से एटीएस की वाराणसी इकाई और बिहार पुलिस के दो अधिकारियों की जमकर फजीहत हुई। गुरुवार को यह प्रकरण आईबी और एटीएस के साथ ही पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बना रहा।
विज्ञापन

आईबी के एक दरोगा स्तर के कर्मचारी ने सूचना विकसित की थी कि बिहार का हार्डकोर इनामी नक्सली कालिका उर्फ पुन यादव जहानाबाद में घायल हुआ है और बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में उपचार करा रहा है। यह सूचना उन्होंने बिहार के आईबी और पुलिस अधिकारियों को दी तो दो एडिशनल एसपी बनारस आए। साथ ही, इस मामले में एटीएस की वाराणसी इकाई को लगाया गया। आईबी, एटीएस और बिहार पुलिस के अधिकारी बुधवार रात बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के चौथे तल पर पहुंचे और उपचार करा रहे घायल व्यक्ति की निगरानी शुरू किए। इस बीच एटीएस और बिहार पुलिस के अधिकारी जब भी घायल से पूछताछ की बात करते आईबी का कर्मचारी उन्हें मना कर देता और कहता कि मामला गड़बड़ा जाएगा। देर रात घायल व्यक्ति के पास से तीन लोग ट्रॉमा सेंटर के बाहर निकले तो एटीएस और बिहार पुलिस के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ शुरू की। पता लगा कि जो व्यक्ति भर्ती है वह बलिया जिले के चितबड़ागांव क्षेत्र का रहने वाला है और जीप-बाइक की टक्कर में घायल हुआ था। इसकी तस्दीक चितबड़ागांव पुलिस से कराई गई तो मामला सही निकला। इसके बाद घायल व्यक्ति से भी पूछताछ की गई और मामला सही निकला तो आईबी के कर्मचारी की हालत देखने लायक थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें