सेवापुरी। पंचक्रोशी परिक्रमा क्षेत्र में पड़ने वाले जीर्ण-शीर्ण प्राचीन मंदिरों को पुन: अस्तित्व में लाने के लिए आंध्र प्रदेश की एक महिला के पहल पर क्षेत्रीय लोगों के सहयोग से जर्जर मंदिरों का निर्माण होना शुरू हो गया है। इसमें क्षेत्रीय लोग भी आस्था के साथ जुड़कर श्रमदान एवं आर्थिक मदद करने में जुटे हैं। आस्थावानों ने कहा कि पंचक्रोशी मार्ग पर बने मंदिरों के इर्द-गिर्द तमाम लोग रहते हैं। लेकिन जीर्ण शीर्ण मंदिरों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
मार्च में पंचक्रोशी यात्रा करने निकली आंध्र प्रदेश की शशिकला ने देखा कि इस मार्ग पर तमाम मंदिर जीर्ण शीर्ण अवस्था में हैं। उसके मन में यह आस्था जाग्रत हुई कि ऐसे मंदिरों का निर्माण हम जन सहयोग के माध्यम से करवाएंगे। शशिकला का संकल्प तब साकार होने लगा जब वह रामेश्वर महादेव मंदिर में एक बैठक कर जीर्णोद्धार समिति का गठन करने के बाद मंदिरों का जीर्णोद्धार करवाने में जुट गईं। शशिकला ने जन सहयोग से रामेश्वर, हीरमपुर, भाउपुर पंचकोशी मार्ग पर पड़ने वाले अब तक पांच मंदिरों का जीर्णोद्धार करवा चुकी हैं। महिला की इस पहल पर ग्रामीण मंदिर के जीर्णोद्धार में सहयोग करने के लिए जुट गए हैं। राजगीर व श्रमिक मजदूर भी मंदिर के जीर्णोद्धार में निशुल्क सेवा कर पुण्य का लाभ ले रहे हैं।