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आंधी-बारिश से किसानों के चेहरे मुरझाए

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ज्ञानपुर। भदोही जिले में बुधवार की देर रात शुरू हुई आंधी-बारिश ने किसानों को भारी क्षति पहुंचाई। रात करीब दो बजे गरज-चमक के साथ रिमझिम बरसात शुरू हुई जो सुबह छह बजे तक रुक-रुक कर होती रही। इससे खेतों में पकी खड़ी गेहूं की फसल धराशाई हो गई। साथ ही खलिहानों में पड़े बोझ भीग कर लथपथ हो गए। इससे मड़ाई बाधित हो गई है। गुरुवार को दिन में किसान फसलों को सुखाने में व्यस्त रहे। चार दिन के अंदर दो बार की बारिश से 15 से 20 फीसदी तक उपज घटने का अनुमान लगाया जा रहा है। कृषि विभाग नुकसान के आकलन में जुट गया है।
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जिले में अभी केवल 25 फीसदी गेहूं की मड़ाई हो सकी है। बड़ी संख्या में किसानों की गेहूं की फसल या तो काटकर खेत में छोड़ी गई है या मड़ाई के लिए खलिहानों रखी है। अरहर, सरसो, चना, मटर आदि फसलें भी मड़ाई के लिए पड़ीं हैं। दो दिन पूर्व हुई बारिश के बाद धूप में फसल को सूखने का इंतजार कर रहे किसानों की मेहनत पर मौसम ने दोबारा मुश्किलें बढ़ा दीं। बृहस्पतिवार की रात करीब दो बजे तेज हवाओं संग बारिश शुरू हुई। हालांकि कुछ देर बाद हवाएं तो थम गईं, लेकिन बारिश का सिलसिला चलता रहा। सुबह छह बजे तक रिमझिम बारिश होती रही। मौसम की मार से आहत किसान बृहस्पतिवार को सुबह खेतों में पहुंचे तो कुदरत को कोसते नजर आए। चार दिनों के अंदर दो बार हुई बारिश से खड़ी फसल गिर गई और खेत-खलिहानों में काटकर छोड़ी गई फसल दोबारा भींगकर लथपथ हो गई। इससे फसलों के दाने काले पड़ने का खतरा बढ़ गया है। किसानों का अनुमान है कि मौसम की मार से इस बार 15 से 20 फीसदी तक उपज घट सकती है। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार का कहना है कि छोटे अंतराल पर दो बार की बारिश होने से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। अगर वातावरण में दो दिन तक नमी बनी रही तो नुकसान बढ़ जाएगा है। तेज धूप निकली तो राहत मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि बारिश से सात से 10 फीसदी के नुकसान का अनुमान है। जल्द ही एडीओ से नुकसान का आंकड़ा मंगवाया जाएगा।
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