वाराणसी। गोरखा राइफल्स की 200वीं वर्षगांठ पर थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत गुरुवार को दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचे। शाम को पत्नी के साथ बजड़े पर सवार होकर उन्होंने गंगा घाटों की अलौकिक छटा निहारी। दशाश्वमेध घाट के सामने बजड़े को रोक कर उन्होंने गंगा आरती देखी और दीपदान भी किया। इस मौके पर आरती कराने वाली संस्था की ओर से उन्हें स्मृति चिह्न और प्रसाद देने का प्रयास किया गया लेकिन उनका बजड़ा वापस चला गया।
शाम साढ़े छह बजे गंगा आरती शुरू होने के आधे घंटे के बाद थल सेनाध्यक्ष का बजड़ा सायरन बजाते हुए दशाश्वमेध घाट के समीप पहुंचा। बजड़े पर ही बैठ कर उन्होंने आरती देखी और उसके बाद मां गंगा में दीपदान किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार थल सेनाध्यक्ष को गंगा पूजन भी करना था लेकिन समय के अभाव के कारण यह कार्यक्रम रद कर दिया गया। जेड प्लस सुरक्षा के बीच 7:10 बजे उनका बजड़ा चला गया। उनके साथ 39 जीटीसी के बिग्रेडियर एसए रहमान भी थे।