वाराणसी। पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सोमवार को नवसंघ की काली प्रतिमा का विसर्जन किया गया। देवनाथपुरा से शुरू हुई विसर्जन यात्रा मैदागिन स्थित कंपनी बाग पहुंच कर समाप्त हुई। रात करीब 11 बजे प्रतिमा का मंदाकिनी कुंड में विसर्जन किया गया। करीब साढ़े पांच घंटे तक चली विसर्जन यात्रा के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। जुलूस में बंगभाषी परिवार की महिलाएं ढाक की थाप पर नृत्य करते चल रही थीं, तो वहीं पुरुष मां का जयकारा लगाते आगे बढ़ रहे थे।
देवनाथपुरा स्थित पंडाल में सुबह प्रतिमा विसर्जन के लिए हवन किया गया। दोपहर दो बजे मां का विशेष पूजन हुआ। सैकड़ों महिलाओं ने सिंदूरदान किया। इसके बाद देवी की आरती उतारी गई। शाम करीब पांच बजे पंडाल से उठाकर भक्तों का हुजूम मुख्य मार्ग की ओर आया। काली प्रतिमा करीब साढ़े छह बजे पांडेय हवेली पहुंची। वहां पर सुसज्जित वाहन पर देवी को विराजमान कराया गया। यहां पर भी आरती उतारी गई। इसके 11 ढाकियों के साथ शोभायात्रा गोदौलिया के लिए प्रस्थान की। तकरीबन साढ़े नौ बजे जुलूस गोदौलिया पहुंचा, जहां मां की प्रतिमा को जयकारे के बीच तीन बार चौराहे की परिक्रमा कराया गई। इसके बाद जुलूस बांसफाटक, चौक, बुलानाला, मैदागिन होते हुए कंपनी बाग पहुंचा जहां महाआरती की गई। रात करीब साढ़े दस बजे प्रतिमा को मंदाकिनी कुंड में विसर्जित किया गया। जुलूस का नेतृत्व अध्यक्ष असित दास, महामंत्री अजय जायसवाल व उपाध्यक्ष अभिजीत दास ने किया। सुरक्षा के मद्देनजर एडीएम सिटी वीरेंद्र पांडेय, एसपी सिटी दिनेश सिंह, एसीएम द्वितीय, सीओ दशाश्वमेध के नेतृत्व में पांच थानों की फोर्स मौजूद थे। पांच सीओ, दस एसओ, 40 दरोगा, 330 पुरुष और महिला कांस्टेबल और तीन कंपनी पीएसी लगाई गई थी। पांडेय हवेली, जंगमबाड़ी समेत रास्ते में कई जगहों पर छतों पर व गलियों के मुहानों पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। इस दौरान किसी ने आतिशबाजी नहीं की।