वाराणसी। भ्रष्टाचार के आरोप में चंदौली के निलंबित एआरटीओ आरएस यादव के मिर्जापुर से वाराणसी जिला कारागार स्थानांतरित करने संबंधी आवेदन पर जिला प्रशासन और जेल प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण की अदालत में गुरुवार को दाखिल कर दी। अदालत ने इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तिथि 18 सितंबर नियत की है।
जिला मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपी बंदी आरएस यादव ने प्रभावशाली होने के कारण वाराणसी कारागार में कुख्यात अपराधियों से संपर्क बना लिया था। उन्हीं अपराधियों की शह पर वह गुटबाजी करता था। ऐसे में जेल में कभी भी अप्रिय घटना हो सकती थी। आरोपी पर चंदौली में तीन मामले दर्ज हैं। स्थानीय और अनुशासनिक कारणों से उसे मिर्जापुर जेल स्थानांतरित किया गया है। वहीं, जेल प्रशासन की रिपोर्ट में कहा गया है कि बनारस की तरह मिर्जापुर जेल से भी आरोपी की वीडियो कांफ्रेंसिंग कराई जा सकती है।
उधर, दूसरी ओर मामले के एक साक्षी राकेश न्यायिक ने अपने अधिवक्ता अमरेंद्र विक्रम सिंह के जरिये आवेदन देकर कहा कि आरोपी का शहर व जनपद में अच्छा खासा दबदबा और रसूख है। वाराणसी जेल आकर वह पूर्व में प्राप्त तमाम भौतिक सुख पुन: प्राप्त करना चाहता है। उसके आने से बंदियों में गुटबंदी, शांतिभंग और खून-खराबा हो सकता है। ऐसे में यादव का प्रार्थना पत्र खारिज किया जाए। वहीं, आरएस यादव के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले पूर्वांचल ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रमोद सिंह ने खुद की जान को खतरा बताते हुए एडीजी जोन से मुलाकात कर सुरक्षा की गुहार लगाई है।