नगर निगम के सामने सिगरा के शहीद उद्यान में एक ही मंडप में मंत्र भी गूंजे और निकाह भी हुआ। सामाजिक समरसता के तहत दो दिवसीय मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतिम दिन शुक्रवार को 59 जोड़े विवाह के बंधन में बंधे। एक ही परिसर में जहां एक ओर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 24 हिंदू जोड़ों ने अग्नि के समक्ष सात फेरे लिए, तो वहीं दूसरी ओर 34 मुस्लिम जोड़ों का निकाह हुआ।
मुख्य अतिथि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि सामूहिक विवाह समारोह भारत की असली और समावेशी तस्वीर पेश करता है। किसी भी गरीब परिवार के लिए बिटिया की गरिमापूर्ण विदाई सबसे बड़ी चिंता होती है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की प्रेरणा से संचालित इस योजना ने गरीब की यह चिंता हमेशा के लिए दूर कर दी है। इसके लिए प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन बधाई के पात्र हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये जोड़े राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देंगे।
पूर्व एमएलसी अशोक धवन ने कहा कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि निर्धन परिवारों के स्वाभिमान की रक्षा का संकल्प है। मेयर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रही है। सामूहिक विवाह के माध्यम से सरकार ने साबित किया है कि समाज की हर बेटी की जिम्मेदारी शासन की है। आज इन जोड़ों को सरकार की ओर से दी जाने वाली सहायता राशि, उपहार और प्रमाणपत्र सौंपते हुए हमें गर्व की अनुभूति हो रही है। इस कल्याणकारी योजना के तहत सरकार द्वारा प्रति जोड़े पर कुल एक लाख रुपये व्यय किए गए। इसमें कन्या के खाते में सीधे 60 हजार रुपये की सहायता राशि भेजी गई, जबकि 25 हजार रुपये की वैवाहिक उपहार सामग्री प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त 15 हजार रुपये प्रति जोड़ा विवाह की भव्य व्यवस्थाओं पर खर्च हुआ। इस अवसर पर पार्षद मदन मोहन तिवारी, श्याम भूषण शर्मा, विनीत सिंह, अपर नगर आयुक्त सविता यादव सहित नगर निगम व समाज कल्याण विभाग के अधिकारी शामिल रहे।