जौनपुर। दीपावली के लिए मिठाई की दुकानें सज गई हैं। लेकिन पपड़ी से लेकर बूंदी वाली मिठाई तक में मिलावट की जा रही है। खाद्य विभाग ने आठ से 15 अक्तूबर तक 97 दुकानोें पर छापा मारा है। टीम ने जिले में अलग-अलग स्थानों से पेड़ा, बरफी, बेसन लड्डू, छेना, पपड़ी आदि के कुल 54 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। लेकिन अभी तक किसी की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। इनकी कीमत 1.29 लाख रुपये हैं। जबकि दुग्ध उत्पाद से बनी तीन क्विंटल मिठाइयां नष्ट कराई गई है। इनकी कीमत 66 हजार 50 रुपये है। खाद्य विभाग के अनुसार, इनकी नमूनों की जांच रिपोर्ट दीपावली के बाद ही आने की उम्मीद है। आठ से 15 अक्तूबर तक आठ दिनों में खाद्य विभाग ने 11 क्विंटल मिठाइयां जब्त की हैं। इसमें भी सबसे अधिक बूंदी और कलर से बनने वाली आठ क्विंटल मिठाइयां शामिल हैं।
इस समय शहर से लेकर गांव तक मिठाइयां बन रही हैं। दुकानदारों ने बिहार से बंगाल तक के मिठाई कारीगरों को बुलाया है। खाद्य विभाग की कार्रवाई में न सिर्फ दूध की बरामदगी हुई है बल्कि मसाले, कचरी, मावा से लेकर रसगुल्ला, पेड़ा और पपड़ी तक में मिलावट पकड़ी जा चुकी है। कुछ दुकानों पर मिठाइयों में रंगों का प्रयोग किया जा रहा है। त्योहार पर मिठाई की मांग बढ़ जाती है। इसे पूरा करने के लिए बड़े दुकानदार छोटे दुकानदारों से मिठाइयां बनवा रहे हैं।
मिठाई बनाने वाले दुकानदार खोये में स्टार्च, चांदी के वर्क में एल्युमिनियम और रंगों में हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि मिलावटी व खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जांच अभियान चला रही है।
दुकानों पर सफाई ठीक नहीं, 20 को नोटिस
त्योहारी सीजन में अधिकांश दुकानों पर सफाई भी ठीक नहीं है। 13 अक्तूबर तक खाद्य विभाग ने मिठाई की 20 दुकानों को सफाई ठीक न होने के कारण नोटिस दिया है।
तीन क्विंटल सोन पापड़ी हो चुकी है जब्त
खाद्य विभाग ने तीन क्विंटल सोनपापड़ी भी जब्त की है। मानक के विपरीत पाए जाने पर इसे जब्त किया गया है
इन चीजों की डिमांड सबसे ज्यादा
खाद्य पदार्थ में मिलावट से सेहत को नुकसान
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय देवाशीष उपाध्याय के अनुसार,
दूध में पानी, यूरिया और स्टार्च की मिलावट की जा रही है। इससे बच्चों, बुजुर्गों में पेट के संक्रमण का खतरा रहता है।घी और तेल में सस्ते मिनरल आयल और डाई की मिलावट हो रही है। इसका दिल, लिवर पर असर पड़ता है। नमकीन,भुजिया में कई बार इस्तेमाल तेल और रंग की मिलावट से एसिडिटी, गैस, कैंसर तक का खतरा रहता है। हल्दी में लेड क्रोमेट, मिर्च पाउडर में ईंट-पत्थर के पाउडर की मिलावट हो रही है। इससे पेट और लिवर को नुकसान पहुंचता है। कैंसर तक का खतरा रहता है।
इस तरह से कर सकते हैं बचाव
- सिर्फ भरोसेमंद और साफ-सुथरी दुकानों से ही मिठाई और पनीर खरीदें। बहुत ज्यादा चमकीले रंग वाली मिठाई से बचें। खुले में बिक रहीं चीजें न खाएं। घर पर बनी मिठाई और भोजन को प्राथमिकता दें। अगर किसी दुकान पर मिलावट का शक हो तो स्वास्थ्य विभाग को तुरंत सूचना दें।
पिछले साल 29 लोगों पर दर्ज हुआ था मुकदमा
पिछले वर्ष दीपावली पर 59 दुकानों पर खाद्य विभाग ने छापा मारा था। उस दौरान 61 नमूने लिए थे। डेढ़ क्विंटल खराब मिठाई नष्ट कराई गई थी। जबकि टीम ने 32 नमूने लिए थे। इसमें 24 के नमूने मानक के विपरीत मिले थे। जबकि 5 नमूने असुरक्षित पाए गए थे। कुल 29 लोगों के खिलाफ मुकदमा कराया गया था।
यह कार्रवाई आगे जारी रहेगी। खाद्य सामग्री में मिलावटी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - देवाशीष उपाध्याय, सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय