वाराणसी। बुनकर बहुल इलाकों में जहां रमजान की इबादतों में लोग मशगूल हैं तो वहीं सियासी माहौल भी बना हुआ है। इफ्तार के बाद गुलजार हो रही चाय-पान की दुकानों पर चुनावी चर्चाएं तेज हैं। इनमें चार चांद तब लग जाते हैं, जब प्रत्याशियों के समर्थक उनके बीच वोट मांगने पहुंच जाते हैं। गली-मोहल्लों और बाजार तक में लोगोें से मेल-मुलाकात का सिलसिला इफ्तार से लेकर देर रात तक चल रहा है।
कई साल से रमजान लगातार गर्मी में पड़ रहा है लेकिन इस बार इसी दौरान चुनाव भी पड़ने से प्रत्याशियों के लिए मुस्लिम इलाकों में दिन में प्रचार करना फायदेमंद नहीं है। बुनकर बहुल इलाकों लोहता, बजरडीहा, मदनपुरा, रेवड़ी तालाब, लल्लापुरा, बड़ी बाजार, काजी सादुल्लाहपुरा, पीलीकोठी, सरैया, जलालीपुरा और छित्तनपुरा अलईपुरा में मगरिब की नमाज के बाद जब लोग इफ्तार से फारिग हो रहे हैं तभी समर्थक प्रचार के लिए पहुंच रहे हैं।
बुनकर बिरादराना तंजीम चौदहों के सरदार मकबूल हसन कहते हैं कि रमजान के चलते चुनाव प्रचार का समय सीमित हो गया है। बुनकर दस्तकार अधिकार मंच के अध्यक्ष इदरीस अंसारी की मानें तो शाम को इलाकों में कुछ ऐसा नजारा आम है। प्रत्याशियों के समर्थक अपनी जान-पहचान वालों को लेकर बुनकरों के बीच पहुंच रहे। वहीं जलालीपुरा के पूर्व सरदार शमशुद्दीन अंसारी भी कहते हैं कि समर्थक बड़े-बुजुर्गों को तरजीह देकर उनसे प्रत्याशी जिताने का वादा ले रहे। बुनकर नेता मुमताज अली बाबर और शकील अंसारी बताते हैं कि दिन में मोबाइल पर रिकार्डेड चुनावी मेसेज आ रहे हैं।