मिर्जापुर। कांगेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ने चुनार के ऐतिहासिक किले में पूर्वांचल फतह करने की रणनीति बनाई। बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेशपति त्रिपाठी समेत कई नेताओं ने हिस्सा लिया। प्रियंका ने पार्टी नेताओं से कहा है कि वह भाजपा के सरकार बनाने से पहले किए गए वादों को लेकर जनता के बीच जाएं और बताएं कि सरकार ने वादे पूरे नहीं किए। किसान, नौजवान और कारोबारी परेशान हैं। बताएं कि राहुल गांधी पूरे देश में किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गंगा निर्मलीकरण का मुद्दा उठाने को कहा।
प्रियंका गांधी मंगलवार को जल मार्ग से रात नौ बजे चुनार दुर्ग में पहुंचीं। किले में स्थित डाक बंगले में उन्होंने रात गुजारी। सूत्रों की मानें तो रात में करीब साढ़े दस बजे वह मोबाइल से बात करते हुए किले के नीचे पहुंची थीं। इस दौरान उनके साथ कुछ स्थानीय कार्यकर्ता थे। दिल्ली की टीम के साथ ही प्रदेश के कुछ नेताओं के साथ उन्होंने रात में चुनाव को लेकर मंथन किया। दिल्ली से करीब दस सदस्यीय टीम प्रियंका के साथ पूर्वांचल के दौरे पर निकली है।
सूत्रों की मानें तो इसमें भदोही, प्रयागराज के साथ ही वाराणसी की सीटों पर प्रत्याशी के चयन को लेकर भी वार्ता हुई। इन लोकसभा क्षेत्र में जातिगत समीकरण पर भी चर्चा की गई। टिकट तय करने से पहले जातिगत समीकरण को ध्यान में रखने को कहा गया। बुधवार की सुबह करीब नौ बजे प्रियंका अपने कमरे से बाहर निकलीं। सुबह भी करीब दो घंटे तक राजनीतिक चर्चा हुई। इस चर्चा में पूर्व एमएलसी राजेशपति त्रिपाठी, लोकसभा प्रत्याशी ललितेशपति त्रिपाठी समेत बड़े नेताओं को ही अंदर जाने की अनुमति दी गई थी। राजनीतिक चर्चा के बाद उन्होंने किले का भ्रमण किया और उसके इतिहास के बारे में जानकारी ली। गंगा किनारे स्थित किले में फोटोग्राफी कराई और सेल्फी ली। सुबह करीब 10.15 बजे वह किले से वाराणसी के लिए रवाना हुईं।