सांसद हरिनारायण राजभर द्वारा जिले में तीन चरणों में तीन गांवों को आदर्श गांव के रूप में गोद लिया गया। इनमें से सांसद ने केवल डुमराव गांव में अपनी निधि से नौ लाख 30 हजार रुपये दिए हैं। इस रकम से वीर रस के महान कवि पंडित श्याम नारायण पांडेय के घर से मुख्य मार्ग तक 20 सीसी रोड बनाया गया। जबकि चक्कीमूसा डोही गांव और चक बरबोझी गांव में सांसद निधि से एक भी पाई नहीं दी गई। इन दोनों गांवों में राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत अन्य गांवों की तरह ही कार्य कराए गए हैं।
मुहम्मदबाद गोहना ब्लाक के चक बरबोझी गांव में सांसद निधि से कोई काम नहीं कराया गया हैं। हां, प्रदेश सरकार की स्कीम के तहत 10 केवी का एक ट्रांसफार्मर लगाया गया है। किसानों के खेतों की सिंचाई के लिए एक राजकीय नलकूप का निर्माण कराया गया है। पड़ोस के गांव को जोड़ने के लिए वर्तमान में एक सीसी रोड का निर्माण चल रहा है। वैसे तो अन्य सारी कवायदें कागजों पर पूरी कर दी गई हैं।
हल्दीघाटी जैसे कई काव्य की रचना करने वाले वीर रस के महाकवि पं. श्याम नारायण पांडेय के घर तक जाने के लिए कोई रास्ता नहीं था। जनपद के भाजपा नेताओं और साहित्यकारों की सलाह पर पहले चरण में सांसद ने निधि से 200 मीटर सीसी रोड के निर्माण के लिए 9.30 लाख रुपये दिए थे। उधर फतेहपुर मंडाव ब्लाक के चक्की मूसाडोही गांव 4.57 लाख रुपयों की लागत से एक पुरवे में विद्युतीकरण कराया गया। इसके अलावा इस गांव में कोई भी विकास कार्य धरातल पर गांववासियों ने नहीं देखा। हां, स्वच्छ भारत मिशन के तहत इस गांवमें 138 लाभार्थियों का चयन किया गया। इसके लिए लाभार्थियों को 12 हजार रुपयों की दर से 16 लाख 56 हजार रुपये लाभार्थियों के खातों में भेजे गए हैं।
कोट
प्रस्ताव के अनुरूप सभी निर्दिष्ट बिंदुओं पर क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। रही बात कार्य की तो सभी कार्य गाइड लाइन के अनुरूप कराए भी गए हैं।
हरिनारायण राजभर, सांसद घोसी