वाराणसी। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय प्रदीप कुमार सिंह की अदालत ने बीएसएनएल कर्मी मुन्नालाल की हत्या के मामले में उसकी पत्नी के प्रेमी झारखंड निवासी अभियुक्त प्रदीप उर्फ बबलू को दोषी पाते हुए उम्र कैद के साथ 25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त की निशानदेही पर बरामद चाकू के मामले में एक वर्ष की सजा सुनाई। मामले में आरोपी मुन्नालाल की पत्नी अनीता की पत्रावली अलग विचाराधीन है। वहीं, उसकी नाबालिग बेटी की पत्रावली किशोर न्यायालय में लंबित है। न्याय दिलाने में वादी की तरफ से निशुल्क पैरवी अधिवक्ता राजकुमार तिवारी और एडीजीसी आलोक चंद्र शुक्ल व बृजपाल सिंह ने की।
अभियोजन के मुताबिक वादी राजेंद्र प्रसाद का भाई मुन्नालाल बीएसएनएल कर्मी था। मुन्नालाल चौबेपुर थाना के पांडेय का पुरा गांव में पत्नी अनीता और बेटी के साथ रहता था। 29 फरवरी 2008 की सुबह साढ़े छह बजे उसकी बेटी ने बताया कि उसके पापा के सिर और कान से खून रिस रहा है। इस सूचना पर वादी राजेंद्र पहुंचा तो मुन्नालाल की सांस चल रही थी। पत्नी अनीता ने बताया कि रात में सोते समय किसी ने गंभीर वार कर दिया है। अस्पताल ले जाते समय मुन्नालाल की मौत हो गई। अनीता को दंड प्रक्रिया संहिता के तहत तलब कर आरोपी बनाया गया और उसकी पत्रावली साक्ष्य स्तर पर होने के कारण विचारण के लिए अलग कर दी गई। विवेचना में अनीता के प्रेम प्रसंग में बाधक बनने पर मुन्नालाल की हत्या की बात प्रकाश में आई। पुलिस ने अभियुक्त और मुन्नालाल की बेटी के खून लगे कपड़े और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया। अदालत ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को दोषी पाया और सजा सुनाई।