ज्ञानपुर। प्रगतिशील मानव समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को आरक्षण समेत छह सूत्री मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर आवाज बुलंद की। केंद्र सरकार को जन विरोधी बताया। कहा कि अति पिछड़ों को सभी दलों ने सिर्फ छलने का काम किया। अंत में राष्ट्रपति, पीएम व सीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया।
सोमवार को प्रमासपा के जिलाध्यक्ष महेंद्र बिंद के नेतृत्व में 50 से अधिक कार्यकर्ता और पदाधिकारी नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन दिया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि अति पिछड़े बिंद, केवट, निषाद, नाई, चौहान, प्रजापति, बाथम, राजभर, पाल, हलवाई, विश्वकर्मा, कहार समेत 20 जातियों को सपा, बसपा, कांग्रेस और भाजपा ने राजनीतिक स्वार्थ के लिए छला। अति पिछड़ों को किसी भी सरकार में न्याय नहीं मिला। संगठन 20 जातियों को एससी में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगा। इस दौरान कहा कि सरकार एससी का कोटा 22 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 फीसदी करे। जिसकी जितनी आबादी है, उतनी हिस्सेदारी भी मिले। 15 फीसदी आबादी वाले 50 प्रतिशत के हकदार नहीं हो सकते। शिक्षा के बाजारीकरण को समाप्त करने, मजदूरों को 500 दैनिक वेतन, बेरोजगारों को रोजगार और महंगाई, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की गई। इस दौरान उमाकांत बिंद, लालचंद बिंद, रमाशंकर, राहुल कुमार बिंद, अमृतलाल, सुरेश, लखपति केवट, कन्हैयालाल आदि रहे।