वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ स्थित संबद्धता विभाग के जिस कमरे में आग लगी थी उसे सोमवार को पुलिस की जांच के लिए बंद कर दिया गया है। यह दूसरा मौका है जब संबद्धता विभाग में अप्रैल महीने में आग लगी और महाविद्यालयों से जुड़ी फाइलें जल कर राख हो गईं। समूचे घटनाक्रम को लेकर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने विद्यापीठ चौकी पर तहरीर देकर पुलिस से मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।
संबद्धता विभाग स्थित कार्यालय अधीक्षक के कमरे में रविवार की रात आग लग गई थी। इस दौरान विद्यापीठ से संबद्ध महाविद्यालयों और उनके शिक्षकों से संबंधित दर्जन भर से ज्यादा फाइलें जल गई थीं। पुलिस और दमकल की गाड़ी के पहुंचने से पहले ही कर्मचारियों ने आग पर काबू पा लिया था। संदिग्ध हाल में लगी आग की वजह प्रथम दृष्टया शार्ट सर्किट बताई गई है मगर किसी साजिश से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
इस संबंध में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ओमप्रकाश ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई के लिए सिगरा पुलिस को तहरीर दे दी गई है। जिस कमरे में आग लगी थी पुलिस की जांच पूरी होने तक वहां कोई कर्मचारी नहीं जाएगा। वहीं, इस संबंध में सिगरा थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।