वाराणसी। हजरत मोहम्मद (स.) की पैदाइश की रौनक शहर में दिखने लगी है। दो दिसंबर को ईद-ए-मिलादुन्नबी पर निकलने वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी की तैयारियों जोरों पर चल रही हैं। अंजुमनें अपने स्तर से तैयारियां कर रही हैं तो मस्जिदों और मदरसों में जलसे, नातिया प्रोग्राम होने लगे हैं।
तिलभांडेश्वर में रविवार को काजी-ए-शहर मौलाना गुलाम यासीन की अध्यक्षता में हुई सुन्नी जमीअत-उल-उलेमा बनारस की बैठक में जुलूस-ए-मोहम्मदी की तैयारियों पर चर्चा की गई। काजी ने बताया कि दो दिसंबर को रेवड़ी तालाब मैदान से सुबह सात बजे जुलूस निकलेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि लोग इस जुलूस में शामिल हों और नातों व कलामों से नूरानियत रंग दें। उन्होंने कहा कि जुलूस में डीजे प्रतिबंधित रहेगा। घोड़े, बग्घी लाने में भी मनाही है। यह जुलूस भेलूपुर, रविंद्रपुरी, गौरीगंज, शिवाला, मदनपुरा, गोदौलिया, चौक, मैदागिन, कबीरचौरा, बेनियाबाग, गिरजाघर होते हुए रेवड़ी तालाब मैदान लौटकर समाप्त होगा। बैठक में मौलाना अहसन कमाल, मौलाना सादिक अख्तर, मौलाना शकील अहमद, मौलाना अख्तर रजा, मौलाना तारिक अंजुम, मौलाना अबू शहमा, अहसन हमदी, मोहम्मद सलीम, अब्दुल कुद्दूस, मुमताज, अब्दुल रऊफ आदि मौजूद रहे। संचालन भोला साहब ने किया।