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आतिशी नजारों के बीच विजयदशमी की धूम

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वाराणसी। आतिशी नजारों, गगनभेदी जयकारों के बीच शहर से गांवों तक विजय पर्व दशहरा की धूम मची। अत्याचार के प्रतीक रावण के पुतले जलाए गए। राजनेताओं, अफसरों, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुतलों में आग लगाई। पुतला दहन करने के लिए भारी भीड़ के चलते इलाके पैक हो गए। दशानन वध की लीला देखने के लिए रामनगर के अलावा लंका, डीरेका, मलदहिया में मेला लगा। डीरेका में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों को महाप्रबंधक बीपी पाठक की मौजूदगी में जलाया गया। स्वदेशी जागरण मंच की ओर से चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल में निरंकुश वैश्वीकरण, उदारीकरण, निजीकरण रूपी रावण के पुतले को जलाया गया।
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रामनगर में बिना लाइट, साउंड के अनूठे अंदाज में रावण दहन हुआ। लंका के मैदान में पंचवटी में सीता के दर्शन के लिए भीड़ लगी रही तो सामने भीमकाय रावण के पुतले को देखने के लिए तमाशबीन लगे रहे। रात 11 बजे काशिराज परिवार के सदस्य कार से पहुंचे। मशालचियों ने रोशनी की। इसी के साथ आतिशबाजी शुरू हो गई। आतिशी नजारे के बीच जब रावण के पुतले में आग लगाई गई तब लीला स्थल पर वीडियो क्लिप बनाने वाले मेलार्थियों के मोबाइल के कैमरे के फ्लैश चौतरफा चमक रहे थे। डीरेका में शाम 7:20 बजे 75 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। 65 फीट के कुंभकर्ण, 60 फीट के मेघनाद के पुतले जलाए गए। महाप्रबंधक बीपी पाठक ने भगवान गणेश के अलावा शंकर और श्रीराम की आरती की। इसके बाद ढाई घंटे का राम लीला पर आधारित रूपक शुरू हुआ। डीरेका में चार गेट बनाए गए। सात हजार से ज्यादा पास धारकों का प्रवेश हुआ। वहीं जिस मैदान में रावण का पुतला खड़ा था उसे दो भाग में बांटा गया था। एफसीआई और वॉलीबाल ग्राउंड की तरफ से प्रवेश दिया गया, जिसमें बिना पास वाले लोगों को प्रवेश दिया गया। मुख्य द्वार और डीरेका के सभी गेट को एक बजे से, दो पहिया और चार पहिया वाहनों के लिए बंद कर दिया गया था। उधर, मलदहिया में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने बुराई रूपी 40 फीट के रावण के पुतले को जलाया। रावण के जलते ही हर हर महादेव और जयश्रीराम के नारे से पूरा चौराहा गूंज उठा। इस दौरान जमकर आतिशबाजी हुई। बतौर विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री डा नीलकंठ तिवारी ने कहा कि जनता जैसा चाहेगी वैसा ही होगा। तिलक राज कपूर ने प्रदेश अध्यक्ष और राज्यमंत्री को गदा भेंट की। लंका चौराहे पर भी रावण के पुतले का दहन देखने के लिए मेला लगा। इस दौरान बीएचयू सिंहद्वार से लेकर रविदास गेट तक को लंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया था।
मलदहिया पर अब जलेगा 75 फीट का रावण
जनता की इच्छा जहां होगी वहीं पर रावण जलाया जाएगा। इसके लिए जिले के डीएम व्यवस्था सुनिश्चित कराएंगे। ये बातें शनिवार को मलदहिया चौराहे पर समाज सेवा संघ की ओर से दशहरा पर आयोजित रावण दहन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा महेंद्र नाथ पांडेय ने कही। शाम चार बजे ही मलदहिया पर भीड़ उमड़ने लगी थी। बनारसी अंदाज में उन्होंने भीड़ से मुखातिब होकर पूछा -का गुरु का हाल चाल हव। डीएम बनारसी मिजाज के जानत हउवन। राज्यमंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी ने कहा कि आपकी सरकार है। आप जैसा चाहेंगे वैसा ही होगा। अगली बार चौराहे से बिजली का तार हट जाएगा। काशी विद्यापीठ में 75 फुट के रावण को जलाना चाहते हैं तो वहां जलेगा। डीएम योगेश्वर राम मिश्र, विधायक रवींद्र जायसवाल, कैलाश सोनकर, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, अनिल श्रीवास्तव उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत संस्था के अध्यक्ष मंगल सोनी ने किया।
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रणभूमि का अवलोकन कर किला लौटे काशिराज
रामनगर। श्रीराम की रावण पर विजय के पर्व पर शाम 4:30 बजे काशिराज अनंत नारायण सिंह शाही वेश में सुसज्जित हाथी पर सवार होकर किले से बाहर निकले। उनके अभिवादन के लिए लोग सड़क के दोनों तरफ खड़े थे। शाही सवारी निकलते ही हर हर महादेव का उद्घोष होने लगा। बटाऊवीर स्थित शमी वृक्ष की पूजा-अर्चना के बाद सवारी लंका मैदान पहुंची। वहां रणभूमि का अवलोकन करने के बाद काशी नरेश लौट गए। इससे पूर्व दोपहर में किला गेट के पास महाराज ने शस्त्र पूजन किया ।
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