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पर्यटन को बढ़ावा: दुनिया को रिझाएंगे बनारस में गंगा पार रेती पर लगने वाले 500 टेंट, तारांकित होटल्स की सुविधाओं से होंगे लैस

Wed, 27 Apr 2022 10:24 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में प्रवासी भारतीय सम्मेलन के बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेंट सिटी का प्रस्ताव दिया था। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल लगातार इस परियोजना को धरातल पर उतारने में जुटे थे
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टेंट सिटी (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नव्य भव्य काशी विश्वनाथ धाम के ठीक सामने ही श्रद्धालु व पर्यटकों को सुविधाओं से लैस टेंट सिटी रिझाएगी। विकास प्राधिकरण ने गंगा पार रेती पर टेंट सिटी विकसित करने का डीपीआर तैयार कर लिया गया है और निविदा भी आमंत्रित की है। निविदा में शामिल होने की कंपनियों के लिए अंतिम तिथि 15 मई निर्धारित की गई है। गंगा पार 500 लग्जरी स्विस कॉटेज तारांकित होटल्स की सुविधाओं से लैस होंगे।

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दरअसल, प्रवासी भारतीय सम्मेलन (2019)  के बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेंट सिटी का प्रस्ताव दिया था। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल लगातार इस परियोजना को धरातल पर उतारने में जुटे थे और इसके डीपीआर की जिम्मेदारी वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन को जिम्मेदारी सौंपी थी। विकास प्राधिकरण ने इसके डीपीआर के साथ ही टेंट सिटी की निविदा जारी की है।

गुजरात की कच्छ की तर्ज पर होगा  कार्यक्रम का आयोजन

इसमें पयर्टन, विद्युत, केंद्रीय जल आयोग, जल निगम, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, रामनगर पालिका प्रशासन के साथ ही 13 अन्य विभाग भी अपनी जिम्मेदारी पूरी करने में जुट गए हैं। यहां बता दें कि कछुआ सेंचुरी विस्थापित होने के बाद वाराणसी विकास प्राधिकरण ने गंगा की रेती पर टेंट सिटी बसाने का फैसला करते हुए सर्वे किया।

महीनों चले सर्वे में तय हुआ कि गुजरात की कच्छ की तर्ज पर यहां गंगा किनारे धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसमें कच्छ महोत्सव की तरह ही काशी महोत्सव में स्थानीय लोक कलाकारों को बड़ा मंच देने की तैयारी है।

वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने कहा कि  विकास प्राधिकरण की ओर से टेंट सिटी परियोजना के लिए विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर एक्प्रेशन ऑफ इंटरेस्ट आमंत्रित किया गया है। पर्यटकों के लिए पैकेज की भी घोषणा होगी। नवंबर से फरवरी तकर हर वर्ष टेंट सिटी की सुविधा मिलेगी।

पर्यटन विकास को भी मिलेगा पंख
तारांकित होटल की सुविधाओं को समेटने वाली टेंट सिटी के आसपास पर्यटन सुविधाओं को विकसित किया जागएा।  गंगा की रेती पर ऊंट व घोड़े की सवारी का आनंद भी पर्यटक उठा सकेंगे। इसके अलावा रात को बनारस घराने की संगीत से सजी शाम होगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ कलाकार अपनी प्रतिभा का हुनर दिखाएंगे।
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चार महीने तक मिलेंगी टेंट सिटी की सुविधाएं

टेंट सिटी के लिए प्रस्तावित जगह - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, काशी विश्वनाथ धाम के नए स्वरुप में विकसित होने के बाद पर्यटकों की संख्या में कई गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। ऐसे में यहां ज्यादातर दिनों में पर्यटकों को होटल्स के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। यही कारण है कि वर्तमान में ठहरने की कमी को ध्यान में रखते हुए गंगा पार रेती परियोजना को धरातल पर उतारा जा रहा है।

यह टेंट सिटी मानसून के बाद नवंबर से फरवरी माह के मध्य संचालित होने का प्रविधान किया गया है। टेंट सिटी में ठहरने के लिए स्विस काटेज, गेमिंग जोन, रेस्टोरेंट, डायनिंग एरिया, कांफ्रेंस स्पाट, योगा केंद्र, लाइब्रेरी, आर्ट गैलरी के अतिरिक्त वाटर स्पोर्ट्स, कैमल व हार्स राइडिंग आदि है।

 
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