महीनों चले सर्वे में तय हुआ कि गुजरात की कच्छ की तर्ज पर यहां गंगा किनारे धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसमें कच्छ महोत्सव की तरह ही काशी महोत्सव में स्थानीय लोक कलाकारों को बड़ा मंच देने की तैयारी है।
वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने कहा कि विकास प्राधिकरण की ओर से टेंट सिटी परियोजना के लिए विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर एक्प्रेशन ऑफ इंटरेस्ट आमंत्रित किया गया है। पर्यटकों के लिए पैकेज की भी घोषणा होगी। नवंबर से फरवरी तकर हर वर्ष टेंट सिटी की सुविधा मिलेगी।
पर्यटन विकास को भी मिलेगा पंख
तारांकित होटल की सुविधाओं को समेटने वाली टेंट सिटी के आसपास पर्यटन सुविधाओं को विकसित किया जागएा। गंगा की रेती पर ऊंट व घोड़े की सवारी का आनंद भी पर्यटक उठा सकेंगे। इसके अलावा रात को बनारस घराने की संगीत से सजी शाम होगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ कलाकार अपनी प्रतिभा का हुनर दिखाएंगे।
टेंट सिटी के लिए प्रस्तावित जगह
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दरअसल, काशी विश्वनाथ धाम के नए स्वरुप में विकसित होने के बाद पर्यटकों की संख्या में कई गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। ऐसे में यहां ज्यादातर दिनों में पर्यटकों को होटल्स के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। यही कारण है कि वर्तमान में ठहरने की कमी को ध्यान में रखते हुए गंगा पार रेती परियोजना को धरातल पर उतारा जा रहा है।
यह टेंट सिटी मानसून के बाद नवंबर से फरवरी माह के मध्य संचालित होने का प्रविधान किया गया है। टेंट सिटी में ठहरने के लिए स्विस काटेज, गेमिंग जोन, रेस्टोरेंट, डायनिंग एरिया, कांफ्रेंस स्पाट, योगा केंद्र, लाइब्रेरी, आर्ट गैलरी के अतिरिक्त वाटर स्पोर्ट्स, कैमल व हार्स राइडिंग आदि है।