मंदिर में होगा शिव दरबार, लगेगी हनुमान की प्रतिमा
श्रीदक्षिणामूर्ति मंदिर में शिव दरबार के विग्रह विराजमान होंगे। डॉ. पद्माकर ने बताया कि श्रीदक्षिणामूर्ति मंदिर अति प्राचीन है। मंदिर पर लिखे सन् वैदिक काल के हैं, जिसके अध्ययन के बाद पता चला कि यह मंदिर करीब 1964 साल पुराना है। जीर्णोद्धार के बाद मंदिर में विराजमान भगवान श्रीदक्षिणामूर्ति को भगवान शिव का स्वरूप माना गया है। अब मंदिर में शिवलिंग, माता पार्वती, गणेश जी, कार्तिकेय, नंदी के अलावा भगवान हनुमान की प्रतिमा लगाई जाएगी।
3 दिन प्रवास के बाद चेन्नई हुए रवाना
शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती तीन दिनों तक काशी प्रवास के बाद बुधवार की सुबह चेन्नई एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गए। डॉ. पद्माकर ने बताया कि शंकराचार्य 13 अप्रैल को काशी आए थे। उन्होंने श्रीदक्षिणामूर्ति मठ में प्रवास के दौरान श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। इस अनुष्ठान में शामिल होने के लिए 16 अप्रैल को उनके आने की संभावना है।