फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

50 हजार का इनामी सनी सिंह मुठभेड़ में ढेर

Thu, 30 Jul 2015 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूराो
विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। पूर्वांचल में आतंक का पर्याय बन चुका कुख्यात रोहित सिंह उर्फ सनी सिंह (27 वर्ष) का काला अध्याय बुधवार की रात करीब साढ़े आठ बजे बंद हो गया। कबीरचौरा स्थित जिला महिला अस्पताल के परिसर में मुठभेड़ मेें इंस्पेक्टर शैलेश सिंह और उपनिरीक्षक सुनील वर्मा के नेतृत्व में वाराणसी एसटीएफ टीम ने उसे ढेर कर दिया। बदमाशों की फायरिंग में एसटीएफ के सिपाही आलोक राय भी जख्मी हो गए। आलोक की जांघ में गोली लगी है। मुठभेड़ में सनी के दो साथी मौके से भागने में सफल रहे। जबकि दो को एसटीएफ टीम दबोचने में कामयाब रही। हाल ही में डीजीपी जगमोहन यादव ने सनी पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था। पुलिस को 28 से अधिक मामलों में उसकी तलाश थी।
विज्ञापन


मूलत: जौनपुर जिले के केराकत थाना क्षेत्र के नाऊपुर गांव का निवासी अशोक सिंह उर्फ विजय सिंह टाइगर का पुत्र रोहित सिंह उर्फ सनी सिंह रंगदारी वसूलने और भाड़े पर हत्या करता था। पुलिस रिकार्ड में इस समय वह पूर्वांचल का सबसे बड़ा शूटर और मोस्टवांटेड था। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के रिश्तेदार पेट्रोल पंप मालिक अरविंद सिंह की फूलपुर में हुई हत्या तथा 27 जुलाई को जगतगंज में फ्लोर मिल मालिक के यहां हुई 27 लाख की डकैती के मामले में भी पुलिस को उसकी तलाश थी।

मुखबिर से मिली सूचना पर बुधवार रात एसटीएफ टीम ने जिला महिला अस्पताल के गेट पर उसे घेरा। इस पर सनी और उसके साथी भागने लगे। एसटीएफ टीम ने पीछा किया तो बदमाश फायरिंग करने लगे। इस पर एसटीएफ जवानों ने मुठभेड़ में सनी को मार गिराया। इस दौरान सनी के दो साथी लेढ़ूपुर निवासी मनोज गौड़ और वरुणापुल निवासी प्रदीप सोनकर पकड़े गए हैं। जबकि नरोत्तमपुर निवासी सोनू सिंह और पांडेयपुर निवासी मोनू चौहान भाग निकले। पुलिस को मौके से बिना नंबर की पल्सर समेत दो बाइक, एक पिस्टल और एक रिवाल्वर मिली है। वहीं घायल एसटीएफ के सिपाही को मलदहिया स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें