शहर के प्रमुख 50 तालाबों को संवारने का काम जल्द ही शुरू होगा। इसके तहत तालाबों के चारों तरफ पक्का निर्माण होगा। बैठने के लिए बेंच आदि लगाए जाएंगे। यही नहीं जहां जरूरत होगी वहां फव्वारे भी लगाए जाएंगे। आकर्षक लाइटिंग के साथ पाथवे का निर्माण कराया जाएगा, ताकि दूर दराज से आने वाले पर्यटकों को लुभाया जा सके। पिछले दिनों कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बैठक कर नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए थे, इसके बाद इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। फिलहाल चुनाव आचार संहिता के चलते काम की गति धीमी है।
शहरी क्षेत्र के पांचों जोन में छोटे-बड़े मिलाकर 138 तालाब हैं। इसमें अधिकांश तालाबों पर कब्जा है। कई तालाब का सुंदरीकरण स्मार्ट सिटी योजना के तहत हो रहा है। स्मार्ट सिटी के तहत नदेसर तालाब, पांडेयपुर तालाब, चकरा व सोनभद्र तालाब, चितईपुर तालाब हैं। जिन्हें सुंदर बनाया जाना है। कई तालाबों पर कब्जे व पक्के निर्माण होने के चलते उनका सुंदरीकरण व जीर्णोद्धार नहीं हो पा रहा है। इन तालाबों को कब्जे से मुक्ति व सुंदरीकरण के लिए कमेटी गठित है। इस कमेटी ने 50 से अधिक तालाबों का चयन किया है। इन तालाबों को आकर्षक बनाने के साथ ही उसे कब्जा मुक्त कराया जाएगा। विकास प्राधिकरण को भी चार तालाबों के सुंदरीकरण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन तालाबों के सुंदरीकरण का काम अंतिम चरण में है।
वाटर री चार्जिंग के लिए जरूरी हैं तालाब
तालाबों को सुंदर बनाने के पीछे प्रमुख मंशा वाटर री चार्जिंग की है। तालाबों में पानी की मात्रा होने से भूजल स्तर बढ़ेगा। यही नहीं पर्यटन के लिहाज से भी इन तालाबों का महत्व बढ़ जाएगा। सुंदरीकरण होने से इन तालाबों के पास दूर दराज से पर्यटक भी आएंगे।
नगर निगम की ओर से कुछ तालाबों का सुंदरीकरण कराया जाना है। चुनाव आचार संहिता के चलते अभी नए कार्य नहीं कराया जा रहे हैं। जल्द ही इन तालाबों को सुंदर बनाने की दिशा में काम होगा। जो शहर के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। -प्रणय सिंह, नगर आयुक्त