इस तरह पीड़ित से कुल 49 लाख 78 हजार 500 रुपये की रकम हड़प ली गई। मुख्य आरोपी विनय कुमार गौड़ ने खुद को सीबीआई और ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने का झूठा नाटक रचा। उसने जांच एजेंसियों का भय दिखाकर पीड़ित को अपने जाल में फंसाया और पूरी रकम ऐंठ ली। आरोपियों ने पीड़ित के करीबियों पुष्पा सिंह और शैलेंद्र कुमार से भी इसी तरह ठगी की।
जब अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने उन्हें टालना शुरू कर दिया। बीते 30 अक्तूबर 2025 को आरोपियों ने पैसे देने के बहाने बरेका बुलाया। वहां पैसे देने के बजाय, आरोपियों ने गालियां दीं। फर्जी मुकदमों में फंसाने और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी।
मंडुवाडीह थाना प्रभारी निरीक्षक अजय राज वर्मा ने बताया कि अशोक कुमार मल्ल की शिकायत पर नामजद आरोपी विनय कुमार गौड़, उर्मिला देवी, विवेक कुमार गौड़, विकास कुमार गौड़ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनके साथ ही राजकुमार, मेहताब और दो-तीन अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पीड़ित के पैसे वापस दिलाने और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।