चिरईगांव। चौबेपुर थाना अंतर्गत गोबरहा गांव की दलित बस्ती में रविवार को इंजन से थ्रेसिंग करते समय निकली चिंगारी से चार झोपड़ियां जल गईं। हादसे में दस मवेशियों की मौत हो गई और पांच मवेशी गंभीर रूप से झुलस गए। घटना की भयावहता और भारी नुकसान देख सदमे में आए पड़ोस के बुजुर्ग बद्री राम (70) की हृदयाघात से मौत हो गई। सूचना पाकर दो घंटे की देरी से पहुंची दमकल की गाड़ियों और ग्रामीणों ने हैंडपंपों की मदद से किसी तरह से आग पर काबू पाया।
गोबरहा गांव स्थित दलित बस्ती निवासी रामू राम रविवार को डीजल इंजन से थ्रेसर चलाकर गेहूं की मड़ाई कर रहा था। दोपहर 12 बजे के लगभग इंजन के साइलेंसर से निकली चिंगारी से रामू की झोपड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते रामू, साम्रू, सेचन और हरिनारायण की झोपड़ियां व उनके कच्चे मकान धू-धू कर जलने लगे। इस दौरान चारों झोपड़ियां और कच्चे मकानों में रखा गृहस्थी का सामान, बाइक, गैस सिलिंडर, अनाज और भूसा सहित अन्य सामान जल कर राख हो गया। इसके साथ ही दस मवेशियों की मौत हो गई और पांच मवेशी गंभीर रूप से झुलस गए।
झोपड़ियों, कच्चे मकानों और मवेशियों को आग में जलता देख पड़ोसी बद्री राम सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए और उनकी मौत हो गई। सूचना पाकर एसडीएम सदर महेंद्र श्रीवास्तव शाम चार बजे पहुंचे और पीड़ितों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। वहीं, पशु चिकित्सक डॉ. आरके चौधरी ने मवेशियों का उपचार किया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय ने पीड़ित परिवार से बात की है और हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
रामू के छोटे बेटे मोहन की शादी 12 मई को होनी है। आग लगने से झोपड़ी और कच्चे मकान में रखा शादी का पूरा सामान और 30 हजार रुपये जल गए। वहीं, रामू के पड़ोसी हरिनारायण के बेटे सूबेदार की शादी आगामी 11 जून को होनी है। हरिनारायण के घर का भी सारा सामान और नगदी जल गया। आग लगने के कारण झोपड़ियां और कच्चे मकान जल जाने से चारों परिवार के लोगों को खुले आसमान के नीचे गुजर-बसर करना मजबूरी हो गया है।
एक मकान और झोपड़ी में आग लगी