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तड़प तड़प जिया जाय, सांवरिया बिना रे

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वाराणसी। कला प्रकाश और बनारस बीड्स लिमिटेड की ओर से आयोजित कार्यक्रम ‘गुलाब बाड़ी’ में गायन, वादन का अद्भुत संगम हुआ। गायन में जहां ठुमरी साम्राज्ञी पद्मविभूषण गिरिजा देवी की शिष्या रुपान सरकार ने माहौल को संगीतमय बनाया, वहीं जाने माने बांसुरी और शहनाई वादक पंडित राजेंद्र प्रसन्ना ने बांसुरी और शहनाई की धुन पर लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
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रविंद्रपुरी में कार्यक्रम की शुरूआत में शिल्पा संगीत महाविद्यालय की छात्रा आरना गुप्ता ने राग मालकौस में पग घूंघरू बांध मीरा नाची थी.. की प्रस्तुति की। तबले पर शिल्पा गांगुली और हारमोनियम पर पूजा गुप्ता ने संगत किया। इसके बाद ये मत कहो खुदा से, मेरी मुश्किलें बड़ी हैं, ये मुश्किलों से कह दो कि मेरा खुदा बड़ा है... गीत पर जमकर तालियां बटोरी। इसके बाद देहरादून से आई कलाकार रूपान सरकार ने होली गीत ‘तुम तो करत बरजोरी रे लाल, तुमसे को खेले होली...’ की प्रस्तुति से कार्यक्रम का आगाज किया। इसके बाद चैती में ‘चैत मासे बोलेले कोयलिया मोरे अंगनवा हो रामा...’ की प्रस्तुति कर दर्शकों के सामने अलग छाप छोड़ी। रूपान ने दादरा ‘तड़प तड़प जिया जाय, सांवरियां बिना रे...’ गीत की प्रस्तुति पर सभी की तालियां बटोरीं। तबले पर पंडित कुबेर मिश्र, हारमोनियम पर पंकज शर्मा और सारंगी पर अनीश मिश्र ने संगत किया।
कार्यक्रम की दूसरी प्रस्तुति में जाने माने शहनाई वादक नई दिल्ली से आए पंडित राजेंद्र प्रसन्ना ने राग विहाग में अलाप और विलंबित एक ताल और द्रुत तीन ताल में धुन बजाई। इसके बाद जैसे ही बांसुरी पर होली धुन बजाई तो कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके बाद शहनाई पर राग केदार में होरी धुन और चैती की मनमोहक प्रस्तुति दी। बांसुरी पर राकेश कुमार और तबले पर पं. कुबेरनाथ मिश्र ने संगत की। कार्यक्रम का संचालन अनूप अग्रवाल ने किया। इस दौरान कला प्रकाश अध्यक्ष अशोक कपूर, बनारस बीड्स लिमिटेड के चेयरमैन अशोक गुप्ता, मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ गुप्ता, कला प्रकाश सचिव अनिल नागर, पंडित सुरेंद्र मोहन मिश्र, अरविंद कुमार बृज, विनोद गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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